री-नीट के फर्जी पेपर बेचने के आरोप में पकड़े गए युवक आकाश ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आकाश ने 4 हजार में री-नीट के फर्जी पेपर का सौदा किया था। पेमेंट के लिए अपना अकाउंट नंबर और क्यूआर कोड भेजा था। आरोपी के बैंक अकाउंट में 18 हजार रुपए भी मिले है। हालांकि अब तक किन-किन लोगों ने उसे कितना अमाउंट ट्रांसफर किया है, इसकी बैंक डिटेल के आधार पर जांच की जा रही है। शुक्रवार को पुलिस ने आकाश को कोर्ट में पेश कर 22 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। हालांकि फिलहाल आरोपी के मोबाइल और लेपटॉप को जब्त कर लिया गया है और हार्ड ड्राइव की भी जांच की जा रही है, जिससे नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों को भी पकड़ा जा सके। बता दें कि प्रताप नगर थाना पुलिस ने पटेल नगर क्षेत्र में एक मकान में दबिश देकर आकाश को पकड़ा था। आरोपी टेलीग्राम पर री-नीट का पेपर फर्जी पेपर बेच रहा था। सीओ सदर और जांच अधिकारी नेमीचंद ने बताया कि आकाश को आज कोर्ट में पेश कर 22 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले की डिटेल इन्वेस्टिगेशन की जा रही है। आरोपी युवक का मोबाइल ओर लैपटॉप जब्त किया है। इसके मोबाइल के कॉन्टेक्ट, वॉट्सऐप ग्रुप और साथ-साथ टेलीग्राम अकाउंट और टेलीग्राम कम्युनिटी में जुड़े सभी कॉन्टेक्ट की भी जांच की जा रही है। कॉन्टेक्ट में आए लोगों से होगी पूछताछ
आकाश के परिजनों का दावा है कि आकाश जयपुर में रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहा था। 2 दिन पहले ही भीलवाड़ा आया था। इसकी मोबाइल हिस्ट्री में कई कॉन्टेक्ट हैं, जिनसे इसने पेपर बेचने के लिए कॉन्टेक्ट किया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि आकाश के बनाए फर्जी पेपर को बड़ी संख्या में लोगों द्वारा खरीदने की आशंका है, इसी आधार पर पूरी कॉन्टेक्ट लिस्ट को रडार पर लिया गया है। ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान-एग्जाम से पहले बेच रहा था री-नीट का फर्जी पेपर:आरोपी स्टूडेंट बैन एप के जरिए कर रहा था डील, बना रखा था खुद का चैनल री-नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के तीन दिन पहले (21 जून) राजस्थान के भीलवाड़ा से पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले स्टूडेंट को पकड़ा है। आरोपी स्टूडेंट बैन टेलीग्राम एप के जरिए डील करता था। पूरी खबर पढ़िए