कोटा के चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद हत्याकांड में मठ का पुराना पुजारी नंदनवन उर्फ नन्हे कुमार तिवारी और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का कर्मचारी महावीर प्रसाद पारेता भी शामिल था, जिसे रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महावीर प्रसाद पारेता के रिटायर होने में 2 साल बाकी है। आरोपियों ने हत्या को लूट और डकैती का रूप देने का प्लान बनाया था। योजना थी कि महंत देवानंद की हत्या के बाद मठ की तिजोरी में तोड़फोड़ कर नकदी निकाली जाए और बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगा दी जाए, ताकि पुलिस का ध्यान वास्तविक साजिश से भटक जाए। पुजारी नंदनवन महाराज ने आरोपियों से खुद के कमरे के बाहर से कुंडी लगवा दी थी, ताकि पुलिस को उस पर शक नहीं हो। मामले में अब तक मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 1 नाबालिग को डिटेन किया है। मर्डर से 4 दिन पहले हत्यारों को मठ में बुलाकर करवाई थी रेकी
एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया- हत्या की साजिश में दोनों आरोपियों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ कि वारदात से 4 दिन पहले दोनों आरोपियों ने हत्यारों को मठ में बुलाकर रेकी करवाई थी। साथ ही मठ की व्यवस्था, महंत की दिनचर्या और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाई थी। ट्रस्ट में हिस्सेदारी चाहते थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महावीर प्रसाद पारेता और नंदनवन मठ की संपत्ति और ट्रस्ट में हिस्सेदारी चाहते थे। महंत देवानंद की बढ़ती सक्रियता उनके लिए परेशानी का कारण बन रही थी। इसी वजह से मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय के साथ मिलकर महंत को मारने का प्लान बनाया। एसपी ने कहा- मामले में आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। वकील ने हत्या के लिए दी थी 1 लाख की सुपारी
इससे पहले पुलिस ने 11 जून को पुरानी कार्यकारिणी से जुड़े वकील संतोष राय और बदमाश पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया था। सैकड़ों बीघा जमीन और मठ के खाते में जमा 4 करोड़ 33 लाख 13 हजार 31 रुपए के लिए संतोष राय मठ पर कंट्रोल करना चाहता था। संतोष राय ने खुद को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर रखा था, जबकि महंत देवानंद महाराज नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने के प्रयास में जुटे थे। इसको लेकर दोनों पक्षों में टकराव बढ़ गया। विवाद के चलते संतोष राय ने अन्य लोगों के साथ मिलकर देवानंद महाराज को रास्ते से हटाने की साजिश रची। हत्या के उसने बदमाश आदित्य वर्मा को 1 लाख रुपए की सुपारी दी। संतोष राय मर्डर से 2 दिन पहले सर्जरी के बहाने से जयपुर के अस्पताल में भर्ती हो गया था, ताकि पुलिस को उस पर शक नहीं हो। चाकू से गोदकर की थी महंत की हत्या
चंद्रेसल मठ में 5 जून की रात को बदमाशों ने सो रहे महंत देवानंद महाराज पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। ग्रामीणों को महंत मठ में लहूलुहान मिले थे। उन्हें गंभीर हालत में कोटा के महाराव भीम सिंह (MBS) हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। बदमाशों को पकड़ने के लिए कोटा पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। करीब 100 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने तकनीकी सबूतों, सीडीआर और गहन पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस की परत-दर-परत गुत्थी सुलझाई। ———— ये खबरें भी पढ़ें- वकील ने 1-लाख की सुपारी देकर करवाई महंत की हत्या:शक नहीं हो इसलिए अस्पताल में भर्ती हुआ; चंद्रेसल मठ की संपत्ति को लेकर था विवाद 2000 KM का पीछा कर पकड़े महंत हत्या के आरोपी:महाराष्ट्र-गोवा भागने की फिराक में थे, चाकुओं से हमला करके मारा था राजस्थान-मायापुरी अखाड़े के महंत का मर्डर, चाकू से गोदा:कोटा में 1100 साल पुराने मठ में हमला; एसपी बोलीं-7लोग हिरासत में, 8 घंटे बाद धरना समाप्त महंत देवानंद-वन 2023 में निरंजनी अखाड़े में शामिल हुए थे:धमकियां मिलने के बाद कोटा आना कम कर दिया; जन्मदिन से 13 दिन पहले मर्डर