एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उपखंड अधिकारी (SDM) काजल मीणा सहित तीन लोगों को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। नादौती (करौली) एसडीएम रही काजल की ये पहली ही जॉइनिंग थी। 16 अप्रैल को हुई एसीबी कार्रवाई के बाद काजल को लेकर कई नई जानकारियां सामने आई हैं। RAS की तैयारी के दौरान काजल ने कोचिंग इंस्टीट्यूट से इंटरव्यू की प्रैक्टिस की थी। 4 एक्सपर्ट के पैनल के सामने काजल ने आरएएस बनने के बाद बदलाव लाने के बड़े-बड़े दावे किए थे। पढ़िए- मंडी (हिमाचल प्रदेश) के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) से बीटेक काजल ने मॉक इंटरव्यू में क्या-क्या कहा था… एक्सपर्ट : पहचान बताए बिना खुद का परिचय दें… काजल : मैं सवाईमाधोपुर से हूं। सेकेंडरी एजुकेशन सागवाड़ा और सी.सै. कोटा से की। बीटेक आईआईटी मंडी (हिमाचल) से की है। ईपीएफओ में एएसओ के पद पर काम किया। वर्तमान में मैं एएसओ के पद पर डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम में कार्यरत हूं। एक्सपर्ट : बीटेक वाले को तो टेक्निकल फील्ड में ही होना चाहिए। प्रशासनिक सेवाओं में क्यों आना चाह रही हो? काजल : सर, पहला रीजन तो ये है कि आरएएस हमारे स्टेट की प्रीमियम सर्विस है, बहुत प्रतिष्ठित है। सैलरी बेनेफिट्स सब कुछ अच्छा है। दूसरा यह है कि प्रशासनिक अधिकारी के पास इतनी लेजिटिमेट (वैध) अथॉरिटी (अधिकार) होती है, जिसका यूज करके आम जनता की लाइफ में बहुत पॉजिटिव चेंज लाए जा सकते हैं। एरिया ऑफ वर्क भी बहुत ज्यादा है। एक्सपर्ट : आईआईटी मंडी की स्थापना कब हुई और कहां लोकेटेड है? काजल : सर, 2011 में। ये वन ऑफ द न्यू आईआईटीज में से है। हिमाचल प्रदेश में लोकेटेड है। शिवालिक रीजन में। एक्सपर्ट : ईपीएफओ का काम क्या होता है? काजल : ईपीएफओ एक सोशल सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन है। ये मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एम्पलॉयमेंट के अंतर्गत एक ऑटोनोमस बॉडी (स्वायत्त निकाय) है। इसका काम है ऑर्गेनाइज सेक्टर के एम्पलॉइज को सोशल सिक्योरिटी कवरेज प्रदान करना। एक्सपर्ट : न्यू पेंशन और ओल्ड पेंशन विवाद चल रहा है, इसे समझाइए? काजल : न्यू पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2004 के बाद के जो एम्पलॉइज हैं, उनके लिए है। इससे पहले एम्पलॉइज से कंट्रीब्यूशन (हिस्सा) नहीं लिया जाता था और उन्हें लाइफ टाइम पेंशन दी जाती थी, ओल्ड पेंशन स्कीम के अंतर्गत। न्यू पेंशन स्कीम में डिफाइन कंट्रीब्यूशन बेस्ड स्कीम है और एनपीएस में मार्केट डिटरमाइन (बाजार से प्रभावित) पर्सेंट के हिसाब से प्रॉफिट मिलता है। एक्सपर्ट : मान लो, मैं नया कर्मचारी हूं। न्यू पेंशन स्कीम में मैं मेरा ही पैसा लगाऊंगा या सरकार भी कंट्रीब्यूशन करती है? काजल : यस सर, एनपीएस में एम्पलॉयी का 10% कंट्रीब्यूशन होता है और एम्पलॉयर का 14 पर्सेंट। महिला एक्सपर्ट : आप स्पोर्ट पर्सन नहीं हैं। आईआईटी जैसी जगह पर काफी स्पोट्र्स ऑर्गेनाइज होते हैं। इसका मतलब है कि आप खुद से ही कोई नई चीज सीखना नहीं चाहतीं? काजल : मैंने बैडमिंटन में पार्टिसिपेट किया था। बाद में आरएएस की तैयारी शुरू की तो ये छूट गया। महिला एक्सपर्ट : आप अपनी हॉबी बनाकर कंटीन्यू कर सकती थीं? ये आपको स्ट्रेस रिलीज करने में हेल्प करता। काजल : यस मैम, मैं कर सकती थी, लेकिन वही मेरी वीकनेस है। मैंने नहीं किया। महिला एक्सपर्ट : आपकी हॉबी क्या हैं प्रजेंट में? काजल : जेंटेंगल और मंडला आर्ट (मानसिक शांति, एकाग्रता और तनाव कम करने की तकनीकें) बनाना और पेंटिंग करना। महिला एक्सपर्ट : ये मंडला आर्ट कहां से आया? काजल : इसका ओरिजन हिन्दुइज्म और बुद्धिज्म दोनों में है। कॉन्सन्ट्रिक सर्किल (एक के अंदर एक सर्किल) में हम इसे बनाते हैं। ये यूनिवर्स के साथ हमारे कनेक्शन को दर्शाता है। महिला एक्सपर्ट – मंडला आर्ट कौन सी सेंचुरी में आया था? काजल : सॉरी मैम नहीं पता। महिला एक्सपर्ट : जेंटेंगल में कुछ स्पेसिफिक मेजरमेंट और डाइमेंशन होते हैं, वो क्या हैं? टाइल किसकी बनी होती है? काजल : इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। हम जेंटेंगल में रिपिटेटिवली पैटर्न ड्रॉ करते हैं। महिला एक्सपर्ट : जेंटेगल जो वर्ड है, इसमें जेन का मीनिंग क्या होता है? काजल : जेन एक जेपेनीज फिलोसफी है। मेडिटेशन के जरिए पीस (शांति) अचीव करने के लिए। महिला एक्सपर्ट : आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। राजस्थान में सोलर एनर्जी का काफी ज्यादा प्रोडक्शन होता है। हम सोलर एनर्जी को कहां और कैसे यूज कर सकते हैं? काजल : हाउस होल्ड में सोलर यूज कर सकते हैं, सोलर पैनल्स लगाकर। एग्रीकल्चर में यूज कर सकते हैं, उससे पंप्स आदि चला सकते हैं। ऑफिसेज में यूज कर सकते हैं। (महिला एक्सपर्ट ने पैनल में एक अन्य मेल एक्सपर्ट की ओर सवाल पूछने के लिए इशारा किया) एक्सपर्ट : आपने सेकेंडरी की पढ़ाई सागवाड़ा से की है। सागवाड़ा के बारे में कुछ बताइए। काजल : सागवाड़ा में बोहरा कम्युनिटी की ज्यादा जन संख्या है। वहां बोहरा कम्युनिटी एक दरगाह भी है। एक्सपर्ट : सवाईमाधोपुर को गेटवे टू रणथम्भौर क्यों कहा जाता है? काजल : क्योंकि रणथंभौर नेशनल पार्क है। रणथंभौर का फोर्ट वहां पर है। एक्सपर्ट : रणथंभौर किले की जो स्थापत्य कला है, वह किस प्रकार की है? काजल : इसमें मुगल और राजपूत दोनों का मिलाजुला रूप है। एक्सपर्ट : चित्तौड़ के किले से तुलना करें तो ये किला कैसे अलग है? काजल : सॉरी सर! एक्सपर्ट : कोई बात नहीं, चौथ का बरवाड़ा के बारे में आप क्या जानती हैं? काजल : चौथ के बरवाड़ा में माताजी का मंदिर है। करवाचौथ के समय वहां काफी भक्त जाते हैं। अपने सुहाग के लिए प्रार्थना करते हैं। एक्सपर्ट : सवाईमाधोपुर में दर्शनीय स्थल कौन-कौन से हैं? काजल : रणथम्भौर का किला, त्रिनेत्र गणेश, टाईगर सफारी और चमत्कारेश्वर मंदिर। एक्सपर्ट : यूनेस्को धरोहर से क्या आशय है? काजल : कल्चुरल, नेचुरल और आर्कोलॉजिकल इम्पोर्टेंस के हिसाब से यूनेस्को साइट्स को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स डिक्लेयर करती है या फिर, जिनका संरक्षण आवश्यक है। एक्सपर्ट : राजस्थान के आर्थिक रूप से पिछड़ेपन के मुख्य कारण क्या-क्या हैं? काजल : एक कारण यह हो सकता है कि यहां पर जब महाराजाओं का शासन था, तो हमेशा से ही एग्रीकल्चर पर ज्यादा डिपेंड रहे। इंडस्ट्रीज का डवलपमेंट नहीं हो पाया है। कुछ एरिया डेजर्ट हैं। पानी की वजह से इंडस्ट्रीज सेटअप नहीं हो पाई और लोगों को बेसिक नेसिसिटीज के लिए भी प्रयत्न करने पड़े। अभी तो मैं यही सोच पा रही हूं। (इसके बाद लास्ट एक्सपर्ट की ओर इशारा किया गया।) एक्सपर्ट : आप एएसओ के पद पर रहीं। एएसओ का फुल फॉर्म क्या है? काजल : असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर। एक्सपर्ट : अभी आपका नेक्स्ट प्रमोशन कब होने वाला है? काजल : मेंस मेरा 2019 में क्लियर हुआ था। उसके पांच साल बाद में डिपार्टमेंटल एग्जाम के लिए एलिजिबल हो जाऊंगी। यदि मैं एग्जाम क्लियर करती हूं तो मैं एसओ प्रमोट हो जाऊंगी। नहीं करती हूं तो 8 साल लगेंगे। एक्सपर्ट : आपने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में आईआईटी किया है। ये बताइए कि इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज में क्या अंतर है? काजल : बेसिकली पावर का डिफ्रेंस होता है। जो 5 वोल्ट से जो कम है वो इलेक्ट्रॉनिक्स में आते हैं और उससे ऊपर वाले इलेक्ट्रिकल में। एक्सपर्ट : आपने अपनी वीकनेस बताई कि आप इंट्रोवर्ट हैं। मेरा अनुभव है कि आईआईटीन और डॉक्टर तो इंट्रोवर्ट नहीं होते। आईआईटी या मेडिकल कॉलेजे में जाने के बाद वो ओपन माइंडेड और खूब एस्ट्रोवर्ट होते हैं। कई बार तो कुछ ज्यादा ही एस्ट्रोवर्ट होते हैं? काजल : डेफिनेटली! आईआईटी में जाने के बाद एक्सपोजर काफी अलग मिला। ओपन माइडेड कि जो आपने बात कही वह सही है। मैं पर्सनल लाइफ में थोड़ा इंट्रोवर्ट हूं, लेकिन प्रोफेशनली ऐसा कुछ नहीं है। पर्सनल लाइफ में मैं लिमिटेड फ्रेंड सर्किल रखती हूं। एक्सपर्ट : आईआईटी और मेडिकल की तैयारी करने वाले बच्चे सुसाइड क्यों करते हैं? काजल : एक रीजन यह हो सकता है कि दोनों एग्जाम टफ हैं। बहुत सारे स्टूडेंट्स प्रेशर ले लेते हैं। आजकल साइंस फील्ड या मेडिकल में नहीं जाओ तो सोसाइटी का भी काफी प्रेशर रहता है। कोटा में तो काउंसलर्स का अभाव है। ऐसे में स्टूडेंट्स प्रॉब्लम में होते हैं तो किसी से शेयर भी नहीं कर पाते। नई जगह होने के कारण। एक्सपर्ट : भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए क्या सुझाव देंगी? काजल : महिला सशक्तिकरण में सबसे जरूरी है एजुकेशन और स्किल प्रोवाइड करना। उसके लिए जितने भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, उन सब का बेहतर इम्प्लीमेंटेशन। महिला सशक्तिकरण का मतलब है ऐसे अवसर और विकल्प देना कि बेहतर जिंदगी के लिए खुद डिसीजन ले सकें। एक्सपर्ट : भारत सरकार की कोई ऐसी योजना जो महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही हो? जिसका आपने लाभ उठाया हो। काजल : गार्गी अवार्ड मिलता है, उसका मैंने 10वीं में लाभ उठाया है। …. रिश्वतखोर एसडीएम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… तीसरी कोशिश में ट्रैप हुई रिश्वतखोर SDM काजल:वॉट्सएप कॉल सबूत, रीडर ने कहा-पैसे आ गए, एसडीएम बोली- ओके, पढ़िए ट्रैप की पूरी कहानी नादौती एसडीएम काजल मीणा के रिश्वत मांगने का मामला ट्रैप से एक दिन पहले यानी 15 अप्रैल को सामने आया था। रेलवे से रिटायर्ड 63 वर्षीय शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत दी थी। पूरी खबर पढ़िए…
