बांसवाड़ा जिले के डॉक्टर का शव प्रतापगढ़ में एक कुएं में मिला। बॉडी पर चोट के निशान थे, पैंट और मोबाइल गायब था। कुएं के बाहर मिली एक शर्ट पर खून लगा था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की हत्या करके शव को कुएं में फेंका गया है। चार दिन पहले दोस्त की शादी में शामिल होने गए थे। उसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। परिजनों की सूचना पर पुलिस तलाश रही थी। 19 अप्रैल की सुबह करीब 8 बजे प्रतापगढ़ के पीपलखूंट इलाके के बोरी गांव में पुलिस को कुएं में डॉक्टर का शव मिला। डॉक्टर मोहित मछार (28) पुत्र कानसिंह मछार मछारासाथ छोटा डूंगरा (बांसवाड़ा) के रहने वाले थे। परिजनों ने बताया – मोहित की शादी नहीं हुई थी। दो बहनों के इकलौते भाई थे, बहनों शादी हो चुकी है। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मां आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता हैं। दोस्त की शादी में शामिल होने गए थे चाचा बलवंत ने बताया- डॉक्टर मोहित 14 अप्रैल की शाम को बड़ोदिया (कलिंजरा थाना, बांसवाड़ा) स्थित अपनी बहन के घर गए थे। 15 अप्रैल की सुबह वे अपने एक एमबीबीएस साथी की शादी में शामिल होने के लिए बोरी (प्रतापगढ़) गए थे। शादी 16 अप्रैल को होनी थी, लेकिन 15 अप्रैल की रात 11 बजे के बाद मोहित का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद भतीजे से बात नहीं हो पाई। लापता होने के बाद दर्ज हुई गुमशुदगी, कुएं में मिला शव बलवंत ने बताया – काफी तलाश के बाद जब डॉक्टर का कोई सुराग नहीं मिला तो पहले कलिंजरा (बांसवाड़ा) और फिर पीपलखूंट थाने (प्रतापगढ़) में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार सुबह दूल्हे (डॉक्टर का दोस्त) के घर से लगभग 500 मीटर दूरी पर स्थित एक कुएं में मोहित का शव मिला। बॉडी पर चोट के निशान हैं। कुएं के बाहर मोहित के जूते बाहर पड़े थे। कुएं के बाहर शर्ट मिली जो किसी और की थी, उस पर खून के धब्बे लगे हुए थे। डॉक्टर का मोबाइल और पैंट नहीं मिला। परिजनों का आरोप- हत्या कर शव कुएं में फेंका गया चाचा बलवंत ने बताया – 15 अप्रैल की रात तक वह अपने दोस्तों के साथ था। भतीजे की हत्या कर शव को कुएं में फेंका गया है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया है। कोटा से की थी पढ़ाई चाचा ने बताया- मोहित ने कोटा से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। मोहित राजसमंद में एक एनजीओ में कार्यरत थे। करीब ढाई महीने से उदयपुर से राजसमंद अप-डाउन कर रहा था।
