पारिवारिक विवाद चल रहा था, मुझे भी इसके लिए थाने के चक्कर काटने पड़ते थे। साथ-साथ पढ़ाई भी करता रहता था। ऐसे में, कहीं न कहीं एक मन में बात थी कि मेरी जैसी परिस्थितियों से ग्रामीण क्षेत्र के कई लोग जूझ रहे हैं। इस लेवल का अधिकारी बना जाए कि ग्रामीण क्षेत्र की ऐसी समस्याओं को सुलझाया जा सके। घर के हालातों को देखते हुए बहन से वादा भी किया था कि जो परिस्थितियां अभी चल रहीं हैं उन्हें जरूर बदलूंगा। यह कहना है RAS-2024 में तीसरी रैंक लाने वाले नवनीत का। RAS का रिजल्ट आया तो नवनीत अजमेर में थे। तुरंत घर के लिए रवाना हुए और जैसे ही पहुंचे वहां ग्रेड थर्ड सरकारी टीचर पिता मुकेश शर्मा उनके स्वागत में ढोल नगाड़े लिए खड़े थे। नवनीत को उनके पिता ने गले लगा लिया। पिता-पुत्र दोनों भावुक हो गए। पढ़िए भीलवाड़ा के नवनीत शर्मा की RAS बनने की पूरी जर्नी सरस्वती माता किसी का ऋण नहीं छोड़ती नवनीत ने कहा- मैं 2022 से तैयारी कर रहा था। RAS-2023 के रिजल्ट में मुझे 87वीं रैंक मिली। जिसमें तहसीलदार सेवा प्राप्त हुई और दूसरे प्रयास में मेरी तीसरी रैंक आई है। नवनीत कहते हैं- मुझे विवेकानंद जी का एक कथन याद आ रहा है। उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक विश्राम न लो। अगर युवा इसी तरीके से आगे बढ़ेंगे तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। मुझे मेरे गुरुजी ने कहा था सरस्वती माता किसी का ऋण नहीं छोड़ती हैं, तो मैं भी आज यही बात कहना चाहूंगा। पारिवारिक समस्या हमेशा दिमाग में घूमती थी नवनीत ने बताया- मैं एक मध्यम श्रेणी के परिवार से आता हूं, कभी भी आर्थिक समस्या नहीं रही, लेकिन पारिवारिक समस्याएं हमेशा दिमाग में घूमती रहती थी। दिमाग में था कि हम आर्थिक रूप से सक्षम हो सकते हैं, लेकिन उन्नत स्थिति के कई और मायने भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति से मेरी तरह कई ग्रामीण इलाके के लोग जूझते हैं। उनकी उन्नति के लिए काम करना मेरा लक्ष्य रहेगा। बहन से भी वादा किया था कि परिस्थितियों को जरूर बदलेंगे। 3 दोस्तों ने किया मोटिवेट नवनीत कहते हैं- मेरे 3 दोस्तों ने मेरा मनोबल बढ़ाया। लक्ष्य भारद्वाज, उमेश भंडिया और हरिओम गुर्जर ने मुझे लगातार मोटिवेट किया। बार-बार कहते थे कि नवनीत तू कुछ अच्छा कर सकता है। विवेकानंद पर पूछा सवाल इंटरव्यू को लेकर नवनीत ने बताया- मुझसे एक सवाल पूछा गया कि आज के दौर में अगर विवेकानंद होते तो वो युवाओं के लिए किस तरीके से प्रेरणा का स्रोत बनते। मैंने जवाब में कहा- स्वामीजी युवाओं के एकजुट होने और पॉजिटिव डायरेक्शन में जाने का संदेश देते। RAS रिजल्ट से जुड़ी प्रदेशभर की ये खबर भी पढ़ें… मां ने जमीन गिरवी रख बेटी को पढ़ाया, बनीं RAS:पहले प्रयास में 23 साल की शालू का सिलेक्शन, आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 में बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है। पिछली परीक्षा में उन्होंने 57वीं रैंक हासिल की थी। फिलहाल आरपीएस की ट्रेनिंग कर रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर) Topics: RAS-2024 रिजल्ट
