राजस्थान के टोंक में नेशनल हाईवे 52 पर शनिवार को ट्रक की टक्कर से तेल से भरे टैंकर में एक बड़ा छेद हो गया। इससे टैंकर से तेल की धार बहने लगी। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और सरसों का तेल भरने के लिए लोग प्लास्टिक की बाल्टियां और स्टील के पीपे लेकर आ पहुंचे। घटना मेहंदवास थाना क्षेत्र से गुजर रहे नेशनल हाइवे 52 पर दाखिया गांव के पास शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई। इससे हाईवे पर करीब 100 से 150 मीटर तक तेल बहने लगा। डेढ़ हजार लीटर से ज्यादा सरसों का तेल बह गया टैंकर ड्राइवर धर्मेंद्र ने बताया कि शनिवार सुबह करीब दस बजे वह कोटा से टैंकर में सरसों का तेल भरकर जयपुर जा रहा था। इस दौरान नेशनल हाइवे 52 पर दाखिया गांव के पास सरसों के तेल से भरे टैंकर को पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे टैंकर में करीब 2 से 3 इंच का छेद हो गया। इसके बाद सरसों के टैंकर से तेल की धार फूट पड़ी। ड्राइवर इस छेद को किसी कपड़ा ठूसकर या अन्य तरीके से रोकता, तब तक करीब 10 से 11 हजार लीटर सरसों का तेल जमीन पर बह चुका था। इसकी सूचना जैसे ही राहगीरों को लगी तो वे और आसपास रहने वाले ग्रामीण प्लास्टिक की पिपियां, लोहे और स्टील के बर्तन लेकर घटना स्थल पर आ पहुंचे। इसके बाद तेल को भरकर घर ले जाने की होड मच गई। हालांकि करीब आधा घंटे बाद तेल की धार को कपड़ा ठूंसकर रोका गया। टैंकर में भरा था 25 हजार लीटर तेल ड्राइवर ने बताया कि टैंकर की कैपेसिटी करीब 25 हजार लीटर है। टक्कर लगने के बाद हुए छेद से करीब 10 से 11 हजार लीटर तेल हाईवे पर बह गया। उसे रोकने का पूरा प्रयास किया था, लेकिन तेज धार और चिकनाई होने के कारण छेद बंद नहीं हो सका। हालांकि काफी मुश्किलों के बाद उसे रोक दिया गया। थानाधिकारी बोले- जांच शुरू कर दी है मेहंदवास थाना प्रभारी रामसिंह का कहना है कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से मामला दर्ज नहीं करवाया गया है। शुरुआती तौर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।