मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- हमारा किसान हारी हुई जंग लड़ता है। नुकसान हो जाए, कुछ भी हो जाए, लेकिन अगली बार उसे फसल बोनी ही है, वो हार नहीं मानता। देश का व्यापार जगत राजस्थान की कृषि क्षमता पर विश्वास करता है। राजस्थान सरकार किसानों और निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। दिल्ली में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026 रोड शो में मुख्यमंत्री ने कहा- बैलों से खेती करने वाले किसानों को 30 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है, जिससे कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल सके और छोटी जोत वाले किसान ठीक प्रकार से पैदावार कर सकें। हम किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सबसे ज्यादा 2 करोड़ 19 लाख पॉलिसी जारी की गई हैं, जिनमें 6500 करोड़ रुपए का क्लेम सेटल किया गया है। हमने 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देना शुरू कर दिया है और 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देना शुरू कर देंगे। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को 23 से 25 मई तक जयपुर में होने वाले ग्रामटेक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। पशु बीमार हो जाता है तो किसान उससे पहले बीमार हो जाता है सीएम ने आगे कहा- हमने 94,000 गोपालकों को 709 करोड़ रुपये दिए हैं। हम पशुओं का 10 लाख का बीमा कर रहे हैं। मंगला पशु बीमा योजना के तहत 9 लाख पशुपालकों ने 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण करवाया है। पशु की कीमत बहुत हो गई है। किसान को कोई समस्या आ जाती है तो सरकार की सहभागिता उसमें रहे, जिससे कि हमारा किसान मजबूती के साथ खड़ा रहे। कृषि क्षेत्र में 9000 करोड़ का निवेश धरातल पर उतरा
मुख्यमंत्री ने कहा- कृषि क्षेत्र में देश-विदेश की कंपनियों ने 44 हजार करोड़ रुपए के 2500 से ज्यादा एमओयू (समझौता ज्ञापन) किए थे। अब तक 751 एमओयू पर काम पूरा हो चुका है और 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश धरातल पर उतर चुका है। ग्रामटेक इसी को आगे ले जाने का मंच है। साझोदारी का मंच बनेगा ग्रामटेक सीएम ने कहा- ग्रामटेक समिट साझेदारी का नया मंच बनेगा। निवेशकों, कृषि वैज्ञानिकों, किसानों को ग्रामटेक के जरिए साझेदारी के एक मंच पर लाया जाएगा। पीएम मोदी के सशक्त भारत सशक्त् किसान के मॉडल को जमीन उतारने के लिए ग्राम टेक का आयोजन हो रहा है। राजस्थान मसालों और अनाज उत्पादन में देश में अग्रणी सीएम ने कहा- राजस्थान कृषि उत्पादन में कई फसलों में अग्रणी है। राजस्थान बाजरा, ग्वार, सरसों , तिल उत्पादन में पहले स्थान पर है। मूंगफली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। सोयाबीन और चना उत्पादन में तीसरे स्थान पर है । मसालों की बात करें तो जीरा और ईसबगोल उत्पादन में राजस्थान पहले पायदान पर है। मैथी, लहसुन और सौंफ के उत्पादन में दूसरे और धनिया अजवाइन उत्पादन में तीसरे पायदान पर है। हम उत्पादन बढ़ाने के साथ प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर किसानों को फायदा पहुंचा सकते हैं, किसानों की आय बढ़ाने के उपायों की चर्चा ग्रामटेक में होगी।