अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की प्रदेशव्यापी कर्मचारी जागृति यात्रा का प्रतापगढ़ में स्वागत किया गया। यह यात्रा का पांचवां दिन था, जिसमें कर्मचारियों की एकजुटता देखने को मिली। प्रतापगढ़ के पेंशनर भवन पहुंची यात्रा झालावाड़, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ से होते हुए यह यात्रा प्रतापगढ़ के पेंशनर भवन पहुंची। यहां जिलेभर से आए कर्मचारियों ने इसका स्वागत किया और सरकार के समक्ष अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। 25 सूत्रीय मांग रखीं बैठक में 25 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। इनमें आरजीएचएस के निजीकरण पर रोक, सरेंडर लीव का भुगतान, 8, 16, 24 और 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, मंत्रालय कर्मचारियों की द्वितीय पदोन्नति, होमगार्ड को 12 माह रोजगार तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति पर 3 लाख रुपये ग्रेच्युटी शामिल हैं। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों की अनदेखी अब स्वीकार नहीं होगी। जिला अध्यक्ष सत्यनारायण भट्ट ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन अमर सिंह चौहान ने किया।
