मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण के बिना राज्य और देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमियों की संख्या बढ़नी चाहिए जो रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले बनें। मुख्यमंत्री ने यह बात दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।
पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले के नेतृत्व में डिक्की के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर एससी-एसटी समुदायों की उद्यमिता, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार एससी-एसटी समुदायों के उत्थान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को और प्रभावी बनाने तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना (BRUPY) को अधिक लाभकारी बनाने का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान डिक्की ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर BRUPY योजना के विस्तार, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, सरकारी खरीद में एससी-एसटी उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने, उद्यमिता एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने तथा कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने सहित कई सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने डिक्की के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एससी-एसटी समुदायों के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है और राज्य सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग करेगी। बैठक में डिक्की के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री रवि कुमार नर्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव डांगी, राजस्थान चेयर देवकीनंदन गोठा, उपाध्यक्ष निमेष बाबा और अंकित बाबेरवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।