प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट (पीटीईटी)-2026 का आयोजन रविवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया। कोटा ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा का आयोजन करवाया गया। परीक्षा में टीचिंग एप्टीटयूट में सवाल पूछे गए कि एक टीचर के लिए सबसे ज्यादा अहम क्या बात होती है। इसी तरह से सवाल किया गया कि अगर पेरेंट-टीचर मीटिंग में बच्चे की खराब परफॉर्मेंस के लिए आपको जिम्मेदार ठहराया जाएगा, तब आपका क्या रिएक्शन होगा। वहीं जनरल अवेयरनेंस में बारां को लेकर सवाल आया कि जिले में कौनसी ट्राइब ज्यादा मिलती है। तरह के सवाल परीक्षा में पूछे गए। परीक्षा के लिए लगभग 300 केंद्र बनाए गए, जहां 1.26 लाख से अधिक अभ्यर्थी नामांकित रहे। स्टूडेंट्स बोले- मॉडरेट टू हाई रहा लेवल परीक्षा देकर आए स्टूडेंटस ने बताया- पेपर का लेवल मॉडरेट टू हाई रहा। वहीं परीक्षा की निगरानी के लिए पहली बार एआई आधारित कमांड सेंटर स्थापित किया गया, जिससे सभी केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। परीक्षा में स्टूडेंट्स को एंट्री भी कड़ी चैकिंग के बाद दी गई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई। अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज की गई तथा उड़नदस्तों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। निर्धारित समय के बाद पहुंचे कई स्टूडेंट्स, नहीं मिली एंट्री सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी केंद्रों पर कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया। परीक्षार्थियों को सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश की अनुमति दी गई। निर्धारित समय के बाद पहुंचे कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिल सका। केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और मेटल युक्त जींस व टी-शर्ट पहनकर पहुंचे अभ्यर्थियों से बटन तक उतरवाए गए। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। प्रशासन और परीक्षा आयोजन समिति के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे। एआई आधारित कमांड सेंटर के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकी।
