प्रदेश के निजी और सरकारी स्कूलों में अब राजस्थानी भाषा को पढ़ाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में राजस्थानी भाषा को शामिल करें। सरकार से 30 सितंबर तक पालना रिपोर्ट मांगी गई है। बता दें कि पदम मेहता व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सरकार को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा- ‘सरकार नीति बनाकर प्रदेश की सम्पूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था में राजस्थानी भाषा को शामिल करे।’ राजस्थानी भाषा, जो अत्यंत समृद्ध ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखती है, उसे पहले ही कई विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में मान्यता एवं स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कोर्ट में दोनों पक्षों का तर्क याचिकाकर्ता का तर्क- करोड़ों लोग राजस्थानी भाषा बोलते हैं सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राजस्थानी भाषा करोड़ों लोग बोलते हैं। उसका समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास है। इसके बावजूद अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को मान्यता दिए जाने के बावजूद राजस्थानी भाषा को REET परीक्षा ढांचे या शिक्षण माध्यम के रूप में शामिल नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा- राजस्थान विधानसभा ने 25 अगस्त 2003 को ही एक प्रस्ताव पारित कर राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की अनुशंसा की थी। सरकार ने कहा-हम परीक्षण कर रहे हैं सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कहा कि यह विषय राज्य सरकार के नीतिगत निर्णय से संबंधित है और सरकार उचित समय पर उपयुक्त निर्णय लेगी। राज्य सरकार ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि उसने कभी यह रुख नहीं अपनाया कि राजस्थानी भाषा को शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल करना गलत या अस्वीकार्य है। राज्य सरकार ने पूर्व में अपने जवाब में यह भी कहा था- वर्तमान में राजस्थानी भाषा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के स्वीकृत पाठ्यक्रम ढांचे का हिस्सा नहीं है। इसी कारण इसे REET में शामिल नहीं किया गया। कार्यवाही के दौरान राज्य सरकार ने यह भी अवगत कराया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर पहले से विचार चल रहा है और मातृभाषा में शिक्षा एवं क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने से संबंधित कार्यों का चरणबद्ध तरीके से परीक्षण किया जा रहा है।
