डीग की पहाड़ी पुलिस और हिस्ट्रीशीटर के बीच मुठभेड़ हो गई। बदमाश ने सड़क किनारे नहर में छिपकर 15 राउंड फायरिंग की। पैर में गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर घायल हो गया। टीम ने बदमाश को तुरंत दबोच कर एक देसी कट्टा और 10 कारतूस बरामद किए। इस दौरान कॉन्स्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। पकड़े गए बदमाश ने दो साल पहले दौसा में कार से टक्कर मारकर होमगार्ड जवान की हत्या कर दी थी। 9 साल से पुलिस को बदमाश की तलाश थी। तस्कर पर पहाड़ी थाने में पहले से 22 मामले दर्ज है। नहर में छिपकर की फायरिंग डीग SP शरण गोपीनाथ ने बताया – बुधवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि कुख्यात गौ-तस्कर सद्दाम बिना नंबर की बाइक पर धीमरी से घाटमिका गांव की ओर जा रहा है। पुलिस ने धीमरी चौराहे पर नाकाबंदी की। रात करीब 2 बजकर 5 मिनट पर सद्दाम वहां पहुंचा। पुलिस ने सद्दाम को रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को देखते ही उसने बाइक को टर्न कर भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी सड़क किनारे बनी नहर में छिप गया और वहां से लगातार पुलिस पर गोलियां चलाता रहा। जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली फायरिंग के दौरान कॉन्स्टेबल नेतराम की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सद्दाम के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। कट्टा, कारतूस और बिना नंबर की बाइक जब्त पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से देसी कट्टा, 10 कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई। घायल आरोपी को पहले पहाड़ी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
2017 से फरार, 23 से ज्यादा मामले दर्ज पहाड़ी थाना SHO योगेंद्र सिंह ने बताया- सद्दाम साल 2017 से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ गौ-तस्करी, पुलिस पर फायरिंग, हत्या समेत 22 मामले दर्ज है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। अलवर पुलिस पर फायरिंग के मामले में भी वांटेड था। दौसा और अलवर पुलिस से भी बदमाश का रिकॉर्ड मंगवाया गया है। दौसा में होमगार्ड जवान की हत्या का भी आरोपी सद्दाम दौसा जिले के मानपुरा थाना क्षेत्र के सिकराय में 25 अक्टूबर 2023 को हुई होमगार्ड जवान संतोष की हत्या के मामले में भी आरोपी है। विधानसभा चुनाव और त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था के लिए लगाए गए नाकाबंदी पॉइंट पर पुलिस ने कार को रोकने की कोशिश की थी। इस दौरान बदमाशों ने होमगार्ड जवान संतोष को टक्कर मार दी थी और फरार हो गए थे। गंभीर रूप से घायल संतोष ने बाद में जयपुर के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
