कोटा में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े मिले हैं। पुलिस ने साढ़े 43 लाख रुपए की साइबर ठगी के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 29 एटीएम कार्ड, 13 बैंक पासबुक और करीब 2 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। शुरुआती जांच खुलासा हुआ है कि बदमाश पाकिस्तानी सरगना के कहने पर खातों से ठगी की रकम दुबई में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती थी, जिससे मामले में इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस बदमाशों से पूछताछ में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी अमजद उर्फ आर्यन ( 21) मूलरूप से बिहार के चंपारण हाल निवासी जहांगीराबाद जिला भोपाल मध्य प्रदेश, राहुल पूर्वी (30), दीपक पूर्वी (20) और विजय कुमार (32) भोपाल, एमपी के रहने वाले हैं। पुलिस ने 16 अप्रैल को चारों बदमाशों को दबिश देकर भोपाल से पकड़ा है। जिसके बाद पुलिस आरोपियों को भोपाल से कोटा लेकर आई। जहां 17 अप्रैल को चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है। जहां से कोर्ट ने 5 दिन के पीसी रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। पाकिस्तानी सरगना के बताए गए खातों में जमा कराते थे रकम साइबर थाना SHO सतीशचंद्र बताया कि राहुल, दीपक और विजय आरोपी अमजद को बैंक अकाउंट खुलवाकर उपलब्ध करवाते थे। अमजद पाकिस्तान में बैठे सरगना से संपर्क कर उन खातों में ठगी की रकम जमा करवाता था। फिर उस ठगी की राशि को एटीएम और चेक के माध्यम से खुद और खाताधारकों से निकलवाकर पाकिस्तानी सरगना के बताए गए खातों में एटीएम मशीन से जमा करा देता था।मोहम्मद अमजद व्हाट्सएप कॉल और चैट के जरिए पाकिस्तानी सरगना के संपर्क में रहता। उन्होंने बताया कि आरोपी राहुल, विजय और दीपक ने अपने और अपने परिचितों के 100 से ज्यादा अकाउंट मोहम्मद अमजद को उपलब्ध करवा रखे थे। अकाउंट होल्डर के नाम से जारी सिम, एटीएम कार्ड भी साथ में लेता था। बदमाशों को कोटा पुलिस ने भोपाल में दबिश देकर पकड़ा कोटा पुलिस ने 16 अप्रैल को आरोपियों को दबिश देकर भोपाल से डिटेन किया, जिसके बाद पुलिस बदमाशों को भोपाल से कोटा लेकर आ गई। जहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया, फिर 17 अप्रैल को चारों बदमाशों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने 5 दिन के पीसी रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। एसएचओ ने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को दिनेश चंद्र गुप्ता ने विज्ञान नगर थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने परिचित बनकर उसे झांसे में ले लिया और कुल 43 लाख 50 हजार की ठगी की वारदात को अंजाम दिया। अलग-अलग अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल और लैपटॉप में करोड़ों के लेन-देन के सबूत भी मिले उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, मोहम्मद अमजद का पासपोर्ट भी बरामद किया है। मोबाइल और लैपटॉप में करोड़ों के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। मामले में अभी तक 8 लाख 5 हज़ार 745 रुपए परिवादी को रिफंड करवाए गए हैं, जबकि 1 लाख 75 हजार बैंक खातों में होल्ड करवाए गए हैं।
