झालावाड़ में विश्व विरासत दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और इंटैक के संयुक्त तत्वावधान में पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में “झालावाड़ की अतुल्य विरासत” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में जिले की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहर, स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार पर विस्तृत चर्चा हुई। ‘विरासत और धरोहरों का संरक्षण करना सभी का दायित्व’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ थे। राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड की सदस्य डॉ. सज्जन पोसवाल ने मुख्य उद्बोधन दिया, जबकि एसडीएम अभिषेक चारण ने अध्यक्षता की। इस दौरान कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि झालावाड़ केवल एक जिला नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, कला और प्रकृति का अद्भुत संगम है। उन्होंने जोर दिया कि यहां की विरासत और धरोहरों का संरक्षण करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। कलेक्टर ने बताया कि जिले के पर्यटन स्थलों, पुरातात्विक महत्व के स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों और प्राकृतिक स्थलों को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों की शुरुआत जलदुर्ग गागरोन, रामानन्दजी की छतरी और अश्व प्रतिमा से अतिक्रमण हटाकर उनके सौंदर्यीकरण से हुई है। इसके अलावा गावंड़ी तालाब स्थित रोमन एक्वाडक्ट को पर्यटकों के लिए मनोहारी स्थल बनाने, राजकीय संग्रहालय में झालावाड़ हिस्ट्री गैलरी और गागरोन दुर्ग गैलरी स्थापित करने तथा गढ़ पैलेस के सामने ताजमहल की तर्ज पर सेल्फी प्वाइंट बनाने जैसे कार्य भी किए गए हैं।
झालावाड़ की संस्कृति, कला और प्रकृति पर हुई चर्चा:विश्व विरासत दिवस पर हुआ ‘अतुल्य विरासत’ कार्यक्रम
