जोधपुर शहर में 74 साल के बुजुर्ग अपने घर का एड्रेस (पता) भूल गए। एक बाइक सवार युवक से लिफ्ट मांगी और मेले में जाने की बात कहने लगे। मेला किस जगह भरा है, इस बारे में भी वे बता नहीं पाए। इसके बाद युवक उन्हें चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने लेकर आ गया। थाने में एक पुलिकर्मी उनके गांव का निकला। इसके बाद बुजुर्ग के घर का पता लगाया। तब पोता थाने आया और कहा कि उसके दादा जी की याददाश्त कमजोर हो गई है। 74 साल के बुजुर्ग शंकर सिंह मूल रूप से नागौर के ओडियाणा गांव के रहने वाले है। वर्तमान में परिवार के साथ जोधपुर में रहते है। पीएफ ऑफिस के पास खड़े थे बुजुर्ग बुजुर्ग आज सुबह चौपासनी रोड पीएफ ऑफिस के पास खड़े थे। उन्होंने बाइक से जा रहे एक युवक को रोका और लिफ्ट मांगी। युवक ने उन्हें बाइक पर बैठा लिया। बुजुर्ग से पूछा कि, आपको किस जगह छोड़ दूं। तक बुजुर्ग बोले- मुझे मेले में जाना है। युवक ने पूछा- मेले में कहां जाना है तो बुजुर्ग ने जवाब दिया जोधपुर में बहुत मेले लगते हैं, किसी में भी छोड़ दो। इस जवाब पर युवक को बुजुर्ग की याददाश्त कमजोर होने का शक हुआ। तब वो उन्हें चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने लेकर गया। बुजुर्ग के गांव के पुलिसकर्मी की मदद से परिवार का लगा पता थाने में सब इंस्पेक्टर सुलोचना चौधरी ने बुजुर्ग से बातचीत की। बुजुर्ग ने उन्हें भी बस ये ही कहते रहे कि मुझे मेले में जाना है। हालांकि उन्होंने अपना और गांव का नाम (ओडियाणा गांव,नागौर) बताया। बुजुर्ग के गांव का ही एक पुलिसकर्मी थाने में था। सब इंस्पेक्टर ने उनसे बातचीत करके बुजुर्ग के बारे में जानकारी जुटाई। तब पता चला कि उनके परिजन यहां जोधपुर में रहते हैं। तब परिजनों को सूचना देकर थाने बुलाया गया। बुजुर्ग का पोता राजेंद्र थाने पहुंचा। उसने बताया कि दादा सुबह घर के बाहर बैठे थे। फिर रास्ता भूलकर पीएफ ऑफिस पहुंच होंगे। इसके बाद बुजुर्ग को दादा के साथ घर भेजा गया।
