टाइगर दुनिया की सबसे पहचानने वाली स्पीशीज में से एक है। प्रोजेक्ट टाइगर ने हमारे देश में टाइगर्स को दोबारा खड़े होने का मौका दिया है। कोई भी देश या संस्कृति हो, हर कोई टाइगर को पहचान लेता है। इसकी वजह है भारत। हम दुनिया के आठ सबसे ज्यादा बायोडाइवर्स देशों में आते हैं। यहां 96 हजार तरह के जानवर, 47 हजार प्रकार के पौधे और लगभग आधी दुनिया की जल-वनस्पतियां यहीं मिलती हैं। एक तरह से कहें तो, अफ्रीका को छोड़ दें तो कोई भी देश हमारे जैसा प्राकृतिक खजाना नहीं रखता। अफ्रीका भी एक महाद्वीप है, देश नहीं। यह कहना था वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर डॉ. लतिका नाथ का। वे शनिवार को एमजीडी स्कूल में चल रहे लीड-1 ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में स्टूडेंट्स को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास कई तरह के टाइगर्स हैं, लेकिन रॉयल बंगाल टाइगर की सबसे बड़ी आबादी भारत में है। यह पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। ये दुनिया की सबसे बड़ी बिग कैट है। बाकी बिल्लियों के उलट, टाइगर को पानी बहुत पसंद है। टाइगर कैसे शिकार करता है, यह देखना अपने आप में एक अनुभव है। कभी यह शिकार की गर्दन पकड़कर उसकी रीढ़ तोड़ देते हैं, इसे नेप बाइट कहते हैं। कभी गले को दबाकर थ्रोट बाइट से शिकार को गिरा देते हैं। Leadership Program