8 साल की मन्नतों के बाद पैदा हुए आयुष (2) की हत्या के सवाल पर उसकी मां कहती है- मुझे गुस्सा आ गया और मैंने मार दिया। इसके आगे वह कुछ नहीं कह रही, पुलिस के दोबारा सवाल करने पर वह रो पड़ती है। रुक्मणि ने अपने बेटे का पहले रस्सी से गला घोंटा था, इसके बाद उसे कपड़े लटकाने के हैंगर पर टांग दिया। बच्चे ने वहीं दम तोड़ दिया। इसके बाद वह बाहर भागी और चिल्लाते हुए कुएं में कूद गई थी। जब उसे बाहर निकाला तो बोली- मैंने अपने बेटे को मार कर लटका दिया है। पुलिस जैसे ही उसके कमरे में पहुंची बच्चे को हैंगर पर लटका देख चौंक गई थी। चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा थाना क्षेत्र के लेसवा ग्राम पंचायत के मोखमपुरा गांव का बुधवार दोपहर 3 बजे का था। गुरुवार को FSL टीम रुक्मणी के घर पहुंची और उस कमरे से सबूत जुटाए जहां 28 साल की मां ने गुस्से में आकर अपने 2 साल के बेटे की हत्या कर दी थी। पूछताछ में रो रही मां भादसोड़ा SHO महेंद्र सिंह ने बताया- अपने बेटे आयुष की हत्या के आरोप में मां रुक्मणि पत्नी मदनलाल जाट को बुधवार को ही डिटेन कर लिया गया गया है। जब पूछताछ की गई तो उसने कहा- मैंने गुस्से में मार दिया। इसके बाद वह कुछ भी नहीं बोल रही है। सवाल करते ही रोने लगती है। पढ़िए मासूम की हत्या की पूरी कहानी … 22 साल पहले बाल-विवाह हुआ था मामले को लेकर पड़ोसी बताते हैं- रुक्मणि और मदनलाल का 22 साल पहले बाल विवाह हुआ था। इसके बाद जब रुक्मणि बालिग हुई तो मदन के साथ बच्चा होने की मन्नत मांगी थी। बच्चे के लिए ही दोनों ने प्रण लिया था कि दोनों 8 साल से न तो किसी के घर जाते थे और न ही किसी के यहां का कुछ खाते-पीते थे। आयुष के होने के बाद दोनों खुश थे। अचानक ऐसा क्या हुआ कि रुक्मणि ने अपने बेटे को मार डाला। वो तस्वीर, जहां आयुष को लटकाया खुद के लिए भी बनाया फंदा हैंगर पर बेटे को लटकाया, खुद का फंदा भी बनाया था गुरुवार को भीलवाड़ा FSL और निंबाहेड़ा MOB टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घर का निरीक्षण किया और सबूत जुटाए। इस दौरान पूरे कमरे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई। FSL की अब तक की जांच में सामने आया कि मां रुक्मणि जाट ने पहले अपने बेटे आयुष का रस्सी से गला घोंटकर उसे दीवार पर लगे हैंगर से लटका दिया था। इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगाने की कोशिश की। उसने टीन शेड पर लगे एंगल में रस्सी फंसा कर फंदा बनाया, लेकिन उसका पैर बार-बार जमीन को छू जाने से वह खुद को लटका नहीं पाई। कूदने से पहले पूछा था- अंदर कितना पानी है इसके बाद रुक्मणि घर से निकल गई और गांव के पास बने कुएं पर पहुंची। वहां कुछ देर तक खड़ी रही। उस दौरान कुएं के पास मौजूद ग्रामीण महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वैसे वो कुएं पर आती नहीं थी। उस दिन आई और सभी से पानी की गहराई और मोटर लगी है या नहीं, का सवाल किया। महिलाओं ने उसे डांटा और कहा कि पानी से तुझे क्या मतलब, जरूरत है तो ले जा। इतना सुनने के बाद ही वो अचानक कुएं में कूद गई। यह देखकर महिलाएं चौंक गई और चिल्लाने लगी। जेठ बोले- जिद्दी थी रुक्मणि आयुष के पिता मदनलाल जाट के बड़े भाई किशनलाल जाट ने बताया कि रुक्मणि का स्वभाव गुस्से वाला और जिद्दी था, लेकिन पति-पत्नी के बीच किसी तरह का झगड़ा नहीं था। उन्होंने बताया कि बुधवार को वे जाट सादड़ी गांव में एक शोक समारोह में शामिल होने गए थे। उन्होंने कहा कि अगर वह नहीं जाते, तो आयुष को अपने साथ रख लेते और शायद यह दर्दनाक हादसा नहीं होता। कंटेंट सपोर्ट: सुरेश आचार्य बेटे की हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मां ने 2-साल के बेटे को मारा,फिर फंदे से लटकाया:दौड़ते हुए कुएं में कूदी, बचाने के लिए युवक ने लगाई छलांग चित्तौड़गढ़ में मां ने 2 साल के बेटे की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर उसके शव को घर में ही फंदे से लटका दिया। इसके बाद वह दौड़ते हुए कुएं में कूद गई। (पढ़ें पूरी खबर)
