पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में बेटे ने वाटर सप्लाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (JE) पिता की हत्या कर दी। उसे शक था कि पिता के उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है। उसने नशा तस्कर 2 साथियों को लेकर तेजधार हथियार से घर में ही कत्ल किया। फिर लाश को कार में ले जाकर नहर में फेंक दिया, ताकि वह गल जाए। हालांकि मृतक की बेटी के भाई पर शक जताने और नहर से लाश पर चोट के निशान देख पुलिस को शक हो गया। जिसके बाद पुलिस ने पहले बेटे और फिर उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान सुखजिंदर सिंह (55) के रूप में हुई है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी… बेटे ने गुमशुदगी दर्ज कराई, 2 दिन बाद लाश मिली
फतेहगढ़ साहिब के SSP शुभम अग्रवाल ने बताया कि 30 अक्टूबर को चनारथल कलां के रहने वाले रविंदर सिंह ने थाना मूलेपुर में अपने पिता सुखजिंदर सिंह के लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद 1 नवंबर को सुखजिंदर सिंह का शव समाना में भाखड़ा नहर से बरामद हुआ। मृतक के सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे, जिससे हत्या का संदेह गहराया। बहन ने जताया अपने भाई पर शक
दशमेश नगर ललहेड़ी रोड खन्ना की रहने वाली मृतक की बेटी जसविंदर कौर ने इसको लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उसने अपने भाई रविंदर सिंह पर शक जताया। जसविंदर कौर ने बताया कि उनके पिता सुखजिंदर सिंह की दो शादियां हुई थीं और दोनों से तलाक हो चुका था। उनके भाई रविंदर सिंह का अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा होता रहता था और वह अपने पिता से भी झगड़ता था। इससे नाराज होकर रविंदर सिंह की पत्नी मायके चली गई थी। भाई गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराने में आनाकानी कर रहा था
जसविंदर कौर ने यह भी बताया कि वह अपने पिता से रोजाना बात करती थीं। जब एक-दो दिन बात नहीं हुई, तो 30 अक्टूबर को वह अपने मायके चनारथल कलां आईं। उन्होंने देखा कि घर पर ताला लगा था। जब उन्होंने अपने भाई रविंदर से बात की, तो वह पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में आनाकानी कर रहा था। इसके बाद जसविंदर ने पुलिस को सूचना दी। बेटे ने बताया, कैसे की पिता की हत्या..
SSP शुभम अग्रवाल ने बताया कि, जब रविंदर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने सच उगल दिया। रविंदर ने कबूल किया कि उसे शक था कि उसके पिता सुखजिंदर सिंह उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखते थे। इस कारण उसने हत्या की। 27 अक्टूबर को उसके पिता गुरुद्वारा साहिब से घर आए तो पहले उसके साथी रविंदरपाल सिंह ने उसके पिता पर तेजधार हथियार से वार किया। उसके पिता जमीन पर गिर गए और रविंदरपाल से तेजधार हथियार छूट गया था। इसके बाद रविंदर ने खुद अपने पिता के सिर व चेहरे पर वार किए। इसके बाद वह शव को घर में ताला लगाकर कार का इंतजाम करने गए। कार घर में लाकर जब शव उठाने लगे तो दोनों से उठाया नहीं गया। फिर तीसरे साथी मनी को बुलाया गया। तीनों ने तिरपाल में शव को कार में रखा। घर की सफाई की। इसके बाद शव को जालखेड़ी में नहर में फेंक दिया।
