हरियाणा पुलिस की कॉन्स्टेबल ने मेड बनकर 26 मामलों में वांटेड इमिग्रेशन एजेंट को पकड़वा दिया। आरोपी को पंचकूला पुलिस ने पकड़ा तो उसके पास से कैश-ज्वेलरी और लग्जरी गाड़ी बरामद हुई। पुलिस ने उसके पास से 26 लाख 50 हजार रुपए कैश, 850 ग्राम सोना और डायमंड बरामद किया है। इसके अलावा आरोपी के पास से XUV 500 कार भी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान साहिल निवासी जीरकपुर पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर उसे 7 दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आदतन अपराधी है। वह 6 बार अलग-अलग नाम से पकड़ा जा चुका है और अलग-अलग नाम से ही बेल लेकर बाहर आ चुका है। मामले की आगामी जांच एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट पंचकूला इन्चार्ज इंस्पेक्टर योगविंद्र सिंह की टीम को सौंपी गई। पुलिस ने आरोपी के 2 साथी, महिला रमनदीप कौर निवासी यमुनानगर और फतेहगढ़ साहिब निवासी परमजीत शामिल है। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, आरोपी को पकड़े जाने की पूरी कहानी… 4 प्वाइंट में समझिए फर्जीवाड़े की हद… पुलिस जांच में खुलासा- आरोपी के खिलाफ 26 मामले दर्ज
पंचकूला के शिवदर्शन के बेटे को विदेश भेजने के नाम पर उससे आरोपी साहिल शर्मा ने 14 लाख रुपए ठगे थे। पुलिस आरोपी के जीरकपुर ऑफिस गई तो वहां पर ताला लटका मिला। जिसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ तो पहले से ही 26 मामले दर्ज हैं। जिसमें से 13 केस यमुनानगर, 6 जालंधर, 2 लुधियाना, 2 फिरोजपुर व 1 मामला पंचकूला में शामिल है। यह मामला बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा हुआ: पुलिस आयुक्त
इस बारे में पुलिस आयुक्त पंचकूला शिवास कविराज ने कहा कि हरियाणा में अवैध तरीकों से विदेश भेजने के नाम पर लोगों को झूठे सपने दिखाकर ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ आगे भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे फर्जी एजेंटों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य के सभी जिलों की पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इसी प्रकार सक्रिय एजेंटों की पहचान कर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह मामला एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा था, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं। मामले की जांच गहराई से जारी है, इसमें शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
