चित्तौड़गढ़ में मां ने 2 साल के बेटे की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर उसके शव को घर में ही फंदे से लटका दिया। इसके बाद वह दौड़ते हुए कुएं में कूद गई। उसे कुएं में कूदता देख आसपास की महिलाओं ने शोर मचाया तो वहां से गुजर रहे युवक ने उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। लोगों ने रस्सी के सहारे दोनों को ऊपर खींचा। मामला भादसोड़ा थाना क्षेत्र के लेसवा ग्राम पंचायत के मोखमपुरा गांव में बुधवार दोपहर 3 बजे का है। भदेसर DSP अनिल शर्मा ने बताया- पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। फिलहाल हत्या के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। कुएं में कूदकर जान देने की कोशिश की
पुलिस के अनुसार, रुक्मणि जाट (28) पत्नी मदनलाल जाट (30) ने बुधवार दोपहर बेटे आयुष (2) का रस्सी से गला घोंट दिया। इसके बाद शव को फंदे से लटका दिया। बेटे की हत्या के बाद रुक्मणि घर से बाहर निकली और सीधे गांव के कुएं की तरफ भागी। कुएं के पास कुछ महिलाएं कपड़े धो रही थीं। रुक्मणि को कुएं की ओर भागते देख वे कुछ समझ नहीं पाईं। अचानक रुक्मणि ने कुएं में छलांग लगा दी। महिलाएं चिल्लाने लगीं। इस दौरान पड़ोसी किसान ओंकार लाल जाट ने आवाज सुनी और मौके पर आया। ओंकार लाल ने तुरंत पास के लोगों से रस्सी मंगवाई और कुएं में कूद गया। उसने रुक्मणि को पकड़कर रस्सी से बांधा और ऊपर खड़े लोगों ने मिलकर रस्सी को खींचकर दोनों को बाहर निकाला। इसकी सूचना भादसोड़ा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को अपने साथ थाने ले गई। थाने में खुला राज, बताया बेटे को मार डाला
पुलिस ने रुक्मणि को हिरासत में लेकर सुसाइड का कारण पूछा। उसने बताया कि उसने अपने दो साल के बेटे की हत्या कर दी है। यह सुनते ही पुलिस चौंक गई। पुलिस ने थाने में उसके पति मदनलाल जाट को बुलाया। इसके बाद पुलिस की टीम जब उसके घर पहुंची तो बच्चा फंदे से लटका हुआ मिला। थकान की कहकर खेत से घर लौटी थी
मदनलाल जाट ने पुलिस को बताया कि मैं और रुक्मणि खेत में काम कर रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे रुक्मणी ने मुझसे कहा कि वह थक गई है और घर जाकर थोड़ा आराम करना चाहती है। इसके बाद वह अकेली घर चली गई। कुछ देर बाद गांव में यह घटना हो गई। जेठ ने दर्ज करवाई FIR
मदनलाल के बड़े भाई किशनलाल जाट ने थाने में मामला दर्ज करवाया है। भादसोड़ा थाना अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल हत्या और आत्महत्या के प्रयास के कारणों का पता नहीं चला है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार रुक्मणि का व्यवहार परिवार के सदस्यों के साथ सही नहीं था। वह अक्सर गुस्से में रहती थी और घर के छोटे-मोटे मामलों पर विवाद हुआ करता था। गांव वालों का कहना है कि वह पिछले कुछ समय से परेशान थी। पुलिस को संदेह है कि पारिवारिक विवाद ही इस घटना की जड़ में है। चिड़चिड़ा है स्वभाव
रुक्मणि का पीहर चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला उपखंड के नाड़ा खेड़ा गांव में है। शादी के बाद से ही वह मोखमपुरा में पति और परिवार के साथ रह रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि रुक्मणि का स्वभाव पहले से थोड़ा चिड़चिड़ा है।
