राजस्थान में एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीम ने 4 जिलों से 5 संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। इनके आतंकी संगठन के फंडिंग नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। एटीएस ने जोधपुर के चौखा स्थित अरेबिया मदरसा के एक मौलवी अयूब को कस्टडी में लिया है। अयूब 13 साल से मदरसे में मौलवी था। खुद भी उसी मदरसे में पढ़ा हुआ है। उर्दू और धार्मिक शिक्षा देता था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अयूब रोज घर से सुबह 7 बजे निकल जाता और रात 10 बजे तक लौटता था। उसके पास कोई लैपटॉप नहीं था। मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देखता था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भास्कर टीम मदरसा पहुंची तो हर कोई मौलवी के बारे में बात करने से कतराता नजर आया। मदरसा में काफी बच्चे भी थे। शुक्रवार होने से नमाजी भी नमाज पढ़ने वहां पहुंच रहे थे, लेकिन अयूब के बारे में बात करने के लिए कोई तैयार नहीं था। जांच में सामने आया कि अयूब 13 साल से इस मदरसे में मौलवी था। अयूब ने पढ़ाई भी इसी मदरसे से की थी। फिर इसी में नौकरी लग गई। अरेबिया मदरसा में 12 वीं कक्षा तक पढ़ाई होती है। साथ ही धर्म और उर्दू की तालीम भी दी जाती है। मदरसे के अन्य शिक्षकों ने कहा कि ऐसी किसी गतिविधि के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्हें भी विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसी कोई गतिविधियां इस मदरसे में होती थी। 15 साल पहले आया जोधपुर
अयूब पीपाड़ का रहने वाला है। 15 साल पहले जोधपुर के चौपासनी क्षेत्र में एक मकान में रहने लगा था। एटीएस की टीम ने उस मकान को सीज कर दिया। मकान में मौलवी की पत्नी सईदा और बच्चे भी रह रहे थे। अयूब के दो बेटे और एक बेटी है। पत्नी सईदा ने बताया कि अयूब सो रहा था, जब टीम आई। बेटे ने बताया कि रात में सादा वर्दी में पुलिस आई। उन्होंने पूरी रात जांच की। फिर 20 से 22 लोगों की टीम आई और उसके अब्बू को ले गई। घर से कुछ किताबें और कागज भी साथ ले गए। यह बताया कि अभी पूछताछ के लिए लेकर जा रहे हैं। टीम घर से तीन मोबाइल भी लेकर गई है। पत्नी और बच्चों का कहना है कि अयूब सिर्फ मोबाइल पर यू ट्यूब चलता था, और उस पर ही वीडियो देखता था। घर में बना रखी थी लाइब्रेरी
एटीएस ने अयूब के कमरे को सील कर दिया है। उसने घर में लाइब्रेरी बना रखी थी, जिसमें धार्मिक और उर्दू की किताबें थीं। टीम उसके कमरे से काफी दस्तावेज और किताबें साथ लेकर गई है। अयूब के पड़ोसी मोहम्मद रफीक ने बताया कि उसके खिलाफ कभी ऐसी बात नहीं सुनी। न ही कोई संदिग्ध गतिविधि देखी। उस्मान 10 साल से मदरसे में
सांचौर के मोहर्रम चौक स्थित मदरसे से उस्मान को पकड़ा। मौलवी उस्मान बाड़मेर के गडरा रोड क्षेत्र के पास स्थित पांदी का पार गांव का निवासी है। पिछले 10 सालों से मदरसे में धार्मिक शिक्षा दे रहा था। ……………. ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में आतंकवादियों से जुड़े 3 मौलवी समेत 5 पकड़े:अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से संबंध होने की आशंका, डॉक्यूमेंट जब्त किए
