चूरू के एक सरकारी स्कूल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 6 साल की मासूम को स्टाफ क्लास रूम में बंद करके चला गया। परिजन ढूंढते हुए पहुंचे तो बच्ची खिड़की पर खड़ी होकर रो रही थी। परिजनों ने स्कूल स्टाफ को 4 किमी दूर से बुलाकर कमरे का ताला खुलवाया और बच्ची को बाहर निकाला। मामला राजगढ़ के न्यांगल छोटी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल का गुरुवार शाम का है। 3 बहनों के साथ स्कूल जाती थी बच्ची बच्ची के चाचा सोनू ने बताया-मेरी भतीजी काफी (6) पिछले साल से घर से आधा किलोमीटर दूर स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल में पढ़ती है। इस बार वह पहली क्लास में है। काफी की 3 बहनें भी इसी स्कूल में पढ़ती हैं। काफी कभी-कभी बहनों के साथ तो कभी अकेले घर आ जाती थी। 4 बजे स्कूल की छुट्टी होती है। शाम 5 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंची तो मैंने इधर-उधर तलाश किया। स्कूल के पास बने कुंड में भी देखा, इसी दौरान स्कूल के अंदर से बच्ची की रोने की आवाज आई। बच्ची कमरे में बंद थी और खिड़की के पास खड़ी थी। हमने तुरंत गांव से 4 किलोमीटर दूर नयागल बड़ी गांव के टीचर बलजीत को फोन किया। करीब आधे घंटे बाद टीचर स्कूल आए और कमरे का ताला खोला। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की घटना को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। साथ ही, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने स्कूल प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की अपील की है, जिससे ऐसी घटना दोबारा ना हो। बच्ची को नींद आ गई थी, बड़ी बहन घरवालों को बुलाकर लाई थी सीबीईओ सुमन जाखड़ ने बताया-बच्ची की बड़ी बहन क्लास 5 में पढ़ती है। बच्ची आज पहले दिन स्कूल आई थी। वह अपनी बड़ी बहन के पास ही बैठी थी। वहां उसको नींद आ गई। छुट्टी के बाद बड़ी बहन ने घर पर जाकर बताया। इसके बाद घरवाले वापस आए और बच्ची को घर ले गए। इसी बीच लोगों ने वीडियो बना लिए। बच्ची कमरे में 10 मिनट ही बंद रही है।