महवा में शुक्रवार सुबह घर में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। रात में युवक घर के चौक में सोया था। सुबह जब पिता ने उठकर देखा तो पशुओं का भूसा रखने के लिए बने कमरे में युवक का शव पड़ा मिला। घटना के बाद ग्रामीण शव लेकर थाने के बाहर पहुंच गए। ग्रामीण करीब 4 घंटे धरने पर बैठे रहे। महवा विधायक राजेंद्र मीना के 3 दिन में खुलासे के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। घटना मंडावर थाना क्षेत्र के पाखर चौडाकी गांव की है। मृतक के पिता पप्पु लाल मीणा ने बताया – वीर बहादुर (23) रात में घर के चौक में सो रहा था। सुबह करीब 6:30 बजे, जब देखा तो वह वहां नहीं था। घर में तलाश की तो भूसा रखने के कमरे में भूसे के बीच शव पड़ा मिला। उसके गले में चोट के निशान है। मृतक और उसके पिता मजदूरी का काम करते है। देखें घटना से जुड़ी PHOTOS
मंडावर थाना प्रभारी प्रवीन मीना ने बताया – परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को मंडावर अस्पताल की माॅर्च्युरी में ले जाया जा रहा था, लेकिन ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए। 4 घंटे चला विरोध प्रदर्शन घटना के बाद पहले ग्रामीण मृतक के घर इकठ्ठा हुए और वहां से ट्रैक्टर और गाड़ियों में थाने के बाहर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। ग्रामीण शव सहित थाने के बाहर टेंट लगाकर प्रदर्शन के लिए बैट गए। ग्रामीण 3 घंटे से खुलासे की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान मौके पर बेजुपाडा तहसीलदार संतोष गुप्ता,नायब तहसीलदार संग्राम सिंह गुर्जर और सीओ अनूप सिंह ने लोगों से समझाइश की। कुछ देर बाद महवा विधायक राजेंद्र मीना मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश की। इस दौरान विधायक के 3 दिन में खुलासे के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। मां-भाई की पहले हो चुकी मौत स्थानीय नारायण गुर्जर ने बताया – परिवार में केवल वीर बहादुर और उसके पिता ही थे। तीन साल पहले उसके भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। डेढ़ साल पहले मां की भी मौत हो गई।