सवाई माधोपुर के रणथंभौर में रविवार को पर्यटकों को एक साथ तीन लेपर्ड नजर आए। इनमें से एक लेपर्ड टूरिस्ट जिप्सी के ठीक सामने से गुजरता हुआ निकला। आगे बढ़ने पर वह पास बैठे एक अन्य लेपर्ड के पास पहुंच गया। जिप्सी के सामने लेपर्ड को देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए। इसी दौरान किसी ने कहा, “रुको-रुको, एक और है…”। देखते ही देखते तीनों लेपर्ड एक साथ नजर आने लगे। तीनों कुछ देर तक साथ-साथ चलते रहे और फिर जंगल में ओझल हो गए। एक साथ तीन लेपर्ड को देखकर कुछ देर के लिए टूरिस्ट्स की सांसें अटक गई। जोन नंबर-7 में दिखा दुर्लभ नजारा पर्यटकों के अनुसार रविवार सुबह की पारी में जोन नंबर-7 में सफारी के दौरान एक लेपर्ड जिप्सी के सामने से रास्ता पार करता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर दूसरा लेपर्ड आराम करता नजर आया। पहले लेपर्ड के आगे बढ़ने पर दूसरा लेपर्ड भी उसके साथ चलने लगा। इसी दौरान तीसरा लेपर्ड भी दोनों के पीछे चलता हुआ दिखाई दिया। कुछ देर तक तीनों लेपर्ड एक साथ जंगल के रास्ते पर चलते रहे और बाद में जंगल में ओझल हो गए। फोटोज में देखें… पर्यटकों ने कैमरों में कैद किया नजारा एक साथ तीन लेपर्ड दिखाई देने के बाद सफारी में मौजूद पर्यटक काफी उत्साहित नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस दृश्य को अपने डिजिटल कैमरों और मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। तीनों लेपर्ड की गतिविधियों को देखकर पर्यटकों ने सफारी का आनंद लिया। टाइगर साइटिंग के बीच लेपर्ड बने आकर्षण आमतौर पर रणथंभौर में टाइगर साइटिंग सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार एक साथ तीन लेपर्ड दिखाई देना वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन गया। रणथंभौर में लेपर्ड की संख्या ज्यादा रणथंभौर में लेपर्ड की संख्या बाघों से अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रणथंभौर में करीब 160 लेपर्ड मौजूद हैं। इसी वजह से यहां सफारी के दौरान लेपर्ड साइटिंग के भी अच्छे मौके देखने को मिलते हैं।
