फरीदकोट के गांव सुखनवाला में करीब छह माह पहले हुए चर्चित गुरविंदर सिंह हत्याकांड में एक आरोपी विश्वजीत कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली है। जिला एवं सेशन जज संजीव जोशी की अदालत ने सुनवाई के बाद उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। मंडी डबवाली (हरियाणा) निवासी आरोपी विश्वजीत कुमार ने अदालत में दायर याचिका में खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा था कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। आरोपी पक्ष ने दलील दी कि पहचान परेड संदिग्ध तरीके से करवाई गई, क्योंकि उसमें केवल दो आरोपियों के साथ छह पुलिस कर्मचारियों को शामिल किया गया था। इसके अलावा टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज का घटना से कोई सीधा संबंध नहीं होने की बात भी कही गई। अभियोजन पक्ष उसे अपराध से जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य पेश नहीं कर पाया है। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं:सरकारी पक्ष याचिका में आरोपी ने यह भी बताया गया कि वह 4 दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है और मुकदमे के पूरा होने में लंबा समय लग सकता है, इसलिए उसे नियमित जमानत दी जाए। वहीं सरकारी पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। और यदि उसे जमानत दी गई तो वह मामले की जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। हत्याकांड में पत्नी व प्रेमी समेत चार आरोपी चार्जशीट गौरतलब है कि गांव सुखनवाला में गुरविंदर सिंह की 28-29 नवंबर 2025 की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उसका शव घर की छत पर पड़ा मिला था और उसकी पत्नी रूपिंदर कौर ने ही शोर मचाकर जानकारी दी थी। बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि रूपिंदर कौर के प्रेम संबंधों के चलते गुरविंदर सिंह की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने रूपिंदर कौर, उसके प्रेमी हरकंवलप्रीत सिंह, उसके दोस्त विश्वजीत कुमार और रूपिंदर की सहेली वीरइंद्र कौर को गिरफ्तार कर फरवरी 2026 को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।