बूंदी के डाबी बरड़ क्षेत्र में सोमवार को ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गौ वंश के संरक्षण और उसे ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मुहिम शुरू की गई।
इस अभियान के तहत सुबह करीब 10:30 बजे डाबी उपतहसील में नायब तहसीलदार अनिल धाकड़ के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम अलग-अलग ज्ञापन भेजे गए। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि तीनों ज्ञापनों में समान मांगों को अलग-अलग स्तर पर रखा गया है।
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में गौवंश को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र आराध्या’ का संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई है। इसमें एक केंद्रीय गौसेवा मंत्रालय की स्थापना और एकीकृत केंद्रीय कानून बनाने का भी आग्रह किया गया। पत्र में मार्च 2026 में ब्रज क्षेत्र में राष्ट्रपति द्वारा किए गए गौ पूजन का उल्लेख करते हुए गौवंश को ‘जीवनधन’ बताया गया। गौवंश को राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में ‘पंचप्रण’ के तहत गौवंश को राष्ट्रीय सम्मान देने की मांगी की गई है। इसमें काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक की तर्ज पर गौ माता को सम्मान देने का जिक्र है। साथ ही, गौ तस्करी, गोवध और सड़कों पर गोवंश की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए केंद्रीय कानून और ‘गौ पालन मंत्रालय’ के गठन की मांग की गई। गौ संरक्षण पर कठोर कानून बनाने की मांग
राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में राज्य में गौ वंश के संरक्षण, संवर्धन और गौ वध पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति 10 गोवंश थे, जो अब घटकर प्रति 10 व्यक्तियों पर 1 गौवंश रह गए हैं। इसमें केंद्र से ‘केंद्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम’ लागू करने का भी आग्रह किया गया। ‘गौवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी’
अभियान के आयोजकों ने जोर दिया कि गौवंश केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गौ आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। कई लोग रहे मौजूद
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, गोरक्षा समिति और गोपाल गोशाला डाबी सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में रमेश भारद्वाज, भाजपा मंडल प्रतिनिधि गजराज सिंह हाड़ा, शंभु सिंह, चिंटू राठौर, बालकिशन सेन, लालचंद जंगम, जंबूकुमार हरसोरा, भंवरलाल बैरागी, अमित बैरागी, देवेंद्र बेस, धर्मेंद्र जैन, जितेंद्र सिंह, सियाराम बैरागी, गणेश सुवालका, अजय सिंह, विजय बेस, रवि राव, सुरेंद्र मेघवाल, विष्णु नागर और भगवान सिंह सोलंकी सहित कई लोग मौजूद रहे।