टोंक में दर्रा बालाजी के मंदिर का नींव शिलान्यास और भूमि पूजन शुक्रवार को किया जाएगा। मंदिर निर्माण की लागत लगभग 2 करोड़ रुपए आने का अनुमान है। ऐसे में निर्माण के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाले दानदाता को कल घोड़ी पर बैठाकर जुलूस निकाला जाएगा। जानकारी के अनुसार- नगरफोर्ट तहसील क्षेत्र में चारनेट के दर्रा में जन-सहयोग से यह मंदिर बनेगा। शुक्रवार सुबह 9 बजे नींव शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम शुरू होगा। मंदिर निर्माण समिति ने लोगों से अपने घर से एक पत्थर, ईंट का टुकड़ा या मिट्टी लाकर नींव में योगदान देने की अपील की है। शोभायात्रा और दानदाता का जुलूस सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान उच्चतम बोली लगाने वाले दानवीर को घोड़ी पर बैठाकर रामदेव मंदिर (पुराने स्कूल भवन) से मुख्य बाजार मार्ग होते हुए दर्रा बालाजी मंदिर प्रांगण तक ले जाया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को मंदिर परिसर में नींव की खुदाई हुई। इस मौके पर शिल्पी मुकेश शर्मा और मोहम्मद इमरान पठान ने नाग चक्र विधि से पूजन किया। दर्दा बालाजी मंदिर को लेकर चारनेट सहित आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल है। नींव शिलान्यास के बाद कल घर-घर मिठाई बांटी जाएगी। तीन शिखर वाला मंदिर बनेगा भीनमाल के शिल्पी मुकेश और घनश्याम ने बताया- इसमें तीन शिखर बनेंगे। मुख्य गर्भगृह दक्षिणमुखी हनुमानजी का होगा। इसका निर्माण दक्षिण दिशा में 13×11 फीट के माप के अनुसार किया जाएगा। इसके साथ ही राम दरबार और राधा-कृष्ण मंदिर भी निर्मित होंगे, जिनके गर्भगृह का आकार 9×5 फीट रखा गया है। मुख्य गर्भगृह की ऊंचाई लगभग 51 फीट तथा राम दरबार एवं राधे-कृष्ण मंदिर की ऊंचाई लगभग 41 फीट निर्धारित की गई है। मंदिर परिसर में एक विशाल रंग मंडप, तीन श्रृंगार चौकी एवं तीन कोली मंडप भी बनाए जाएंगे। यह सम्पूर्ण निर्माण कार्य शिल्प शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा के पूर्ण नियमों का पालन करते हुए किया जा रहा है, जिसमें दिशा, आय-व्यय, गण, नक्षत्र एवं राशि आदि सभी का विशेष ध्यान रखा गया है।
