राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को डूंगरपुर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। सीएचओ ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 16 जून से ऑनलाइन रिपोर्टिंग और ऑनलाइन कार्य बंद कर दिए जाएंगे तथा 23 जून से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। इस संबंध में चिकित्सा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। चार साल से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा, फिर भी सेवा सुरक्षा नहीं प्रदर्शन के दौरान सीएचओ ने कहा कि प्रदेशभर के सब सेंटरों पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पिछले चार सालों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई है। नियमितीकरण की मांग सबसे प्रमुख संगठन ने बताया कि राजस्थान में 9700 से अधिक सीएचओ कार्यरत हैं, लेकिन उनके लिए अभी तक नियमित कैडर अथवा स्थायी पद सृजित नहीं किए गए हैं। इससे कर्मचारियों में सेवा सुरक्षा और करियर प्रगति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सीएचओ ने राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022 के तहत नियमित पदों का सृजन कर तीन साल की सेवा पूर्ण कर चुके करीब 5700 सीएचओ की स्क्रीनिंग शुरू कर नियमित नियुक्ति देने की मांग की है।
लॉयल्टी बोनस का लाभ भी नहीं मिला संगठन के अनुसार एनएचएम के नियमों में तीन साल की सेवा पूरी करने पर 10 प्रतिशत लॉयल्टी बोनस देने का प्रावधान है। हालांकि चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राजस्थान के सीएचओ को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रदेश में भी एक्सपीरियंस बोनस और लॉयल्टी बोनस लागू करने की मांग उठाई। मांगें नहीं मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन सीएचओ संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी सात दिनों में सरकार और विभाग के साथ वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 16 जून से सभी ऑनलाइन रिपोर्टिंग और ऑनलाइन कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद 23 जून से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। जयपुर में होगा प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन संगठन ने बताया कि कार्य बहिष्कार के साथ ही जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर प्रदेशस्तरीय धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। सीएचओ का कहना है कि जब तक नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और बोनस संबंधी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।