: सायरन बजेंगे, राहत-बचाव का होगा अभ्यास सिविल सेवा दिवस के तहत शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर होने वाली इस ड्रिल में हवाई हमले जैसी स्थिति का वास्तविक रूप में पूर्वाभ्यास किया जाएगा। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्र सिंह चांदावत ने सभी विभागों को जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रिल की शुरुआत एयर रेड चेतावनी सायरन से होगी, जो दो मिनट तक बजेगा। इसके बाद ड्रोन हमले, बम विस्फोट और आगजनी जैसी आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। ड्रिल के दौरान घायलों को निकालने, प्राथमिक उपचार, सीपीआर देने और एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास होगा। साथ ही फायर ब्रिगेड द्वारा आग बुझाने, सर्च ऑपरेशन, भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे कार्यों का भी परीक्षण किया जाएगा। चांदावत ने बताया कि यह मॉक ड्रिल विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को परखने के लिए की जा रही है। ड्रिल का समापन ‘ऑल क्लियर’ सायरन के साथ होगा, जो लगातार दो मिनट तक बजेगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि ड्रिल के दौरान घबराने की आवश्यकता नहीं है, यह एक नियमित अभ्यास है। इस दौरान अस्पताल, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। बैठक में प्रशासन, पुलिस, सेना, होमगार्ड, सिविल डिफेंस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
