RAS-2024 का रिजल्ट आ चुका है। कईं ऐसे भी होनहार हैं, जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद सफलता हासिल की। इनमें से एक हैं अलवर की सुमन बाई, जिनकी 2324वीं रैंक आई है। विधवा कोटे में सुमन बाई की 4th रैंक है। सुमन बाई की मां मनरेगा में काम करती हैं और 5 बहनें हैं। परिवार के इतने खराब हालात थे कि सुमन बाई के पास गांव से जयपुर आने-जाने का किराया नहीं होता था। किताबें खरीदने के लिए सुमन बाई की मां ने खेत तक गिरवी रख दिया। वहीं, अलवर के थानागाजी के डहरा गांव के कमलेश ने 1757वीं रैंक हासिल की। उनकी एससी कैटेगरी में 88वीं रैंक आई है। इनके पिता विराट नगर में पुरानी घड़ी सुधारने की दुकान चलाते हैं। सुमन की मां ने 40 हजार रुपए में 1 बीघा खेत गिरवी रखा
अलवर जिले के रामगढ़ के गुगडोद गांव की रहने वाली सुमन ने बताया- हम 6 बहनें हैं। पिता श्रीमाया चंद की 2018 में मौत हो गई थी। इसके बाद से मां हरनंदी देवी नरेगा में मजदूरी करती हैं। बड़ी बहन शादीशुदा है। 4 छोटी बहनें हैं। एक बहन राजकुमारी की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में नौकरी लग चुकी है। अभी वह असम में पोस्टेड हैं। 3 बहनें पढ़ाई कर रही हैं। सुमन ने बताया- आर्थिक हालात खराब होने के कारण घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की है। कुछ समय जयपुर में मॉक इंटरव्यू के लिए कोचिंग गई थी। साल 2022 में ऐसी नौबत भी आई कि 40 हजार रुपए में एक बीघा खेत गिरवी रखकर 9 हजार रुपए की किताबें और अन्य सामान खरीदा था। कई बार अलवर से जयपुर आने-जाने का किराया भी नहीं होता था। छोटी बहनों का पालनहार की सहायता राशि से घर खर्च चलाया। बीच-बीच में ताऊ के बेटे और मामा के बेटे ने पढ़ने के लिए गाइड किया है। RAS में जाने का मेरा ही मन था। मुझे लग रहा है कि डीएसपी या तहसीलदार बन जाऊंगी। घड़ी सुधारने वाले का बेटा भी पास, 1757वीं रैंक
अलवर जिले के थानागाजी के डहरा गांव निवासी कमलेश ने पहले प्रयास में 1757 वीं रैंक हासिल की है। कमलेश ने बताया- मैं UPSC की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही RAS का एग्जाम भी दिया। कुछ सिलेबस एक जैसा होता है। आखिरी दिनों में RASृ के एग्जाम पर फोकस किया। पहले प्रयास में 1757वीं रैंक प्राप्त की है। कमलेश ने बताया- मेरे पिता विराट नगर में घड़ी सुधारने की दुकान चलाते हैं। दो चचेरे भाई ऋषिराज और पुष्पराज RAS एग्जाम क्लियर कर चुके हैं। ऋषिराज अभी सांभर में SDM हैं, जबकि पुष्पराज की ट्रेनिंग जारी है। एग्जाम पास करने के बाद घर में खुशी का माहौल है। M.Com के बाद सारे सब्जेक्ट नए, फिर भी चयन
तिजारा के टपूकड़ा के पास राबड़का गांव निवासी सपना यादव ने पहले ही प्रयास में 568वीं रैंक हासिल की है। सपना के पिता पुलिस सब इंस्पेक्टर हैं और जयपुर में पोस्टेड हैं। खास बात यह है कि सपना के पिता उसे सीए या बैंकिंग क्षेत्र में भेजना चाहते थे, लेकिन बेटी को यह रास नहीं आया। सपना ने एमकॉम करने के बाद RAS में नए सब्जेक्ट लेकर तैयारी की और एक साल में अच्छी मेहनत कर अच्छा परिणाम हासिल किया। गजराज यादव ने बताया- बेटी ने जयपुर में पढ़कर ही स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है। 12वीं के बाद ही बेटी के बारे में सोच लिया था कि उसे सीए बनाएंगे या बैंकिंग क्षेत्र में भेजेंगे। इसके कारण पहले B.Com कराया और फिर M.Com। M.Com करने के बाद बेटी को लगा कि उसे बैकिंग के क्षेत्र में नहीं जाना। तब उसने खुद अपना लक्ष्य तय किया कि सिविल नौकरी करनी है। फिर सब्जेक्ट बदलकर RAS की तैयारी शुरू की। पूरे एक साल कड़ी मेहनत की। जयपुर में की कोचिंग ली। घर पर पूरा समय पढ़ाई पर फोकस किया। अब रिजल्ट आया तो बेटी ने सबको चौंका दिया। पहले ही प्रयास में 568वीं रैंक हासिल की है। राबड़का गांव के पूर्व सरपंच नरेंद्र यादव ने बताया- सपना मेरी चचेरी बहन है। आरएएस एग्जाम में अच्छी रैंक लाने पर पूरे गांव में खुशी है। एयरफोर्स की नौकरी छोड़ पूरा किया RAS बनने का सपना
जोधपुर के बालेसर कस्बे (हिम्मतनगर) के रहने वाले चंदनसिंह इंदा ने RAS-2024 में 14वीं रैंक हासिल की है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले चंदनसिंह ने भारतीय वायुसेना में 14 साल तक सेवा की। इसी दौरान तैयारी कर 2021 में आरएएस (221वीं रैंक) में चयनित होकर राजस्थान लेखा सेवा जॉइन की। अभी डूंगरपुर जिला परिषद में सेवारत हैं। साल 2023 में भी उनका चयन राजस्थान तहसील सेवा में हुआ था, लेकिन SDM बनने के लक्ष्य के चलते उन्होंने जॉइन नहीं किया। चंदनसिंह 15 दिन पहले ही पिता बने हैं। उनकी पत्नी भोम कंवर गृहिणी हैं। भाई भंवरसिंह तृतीय श्रेणी शिक्षक हैं। ये भी पढ़ें… पहले प्रयास में RAS बनीं 23 साल की शालू,पिता किसान:आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश, सेकेंड रैंक वाले के इंटरव्यू में 1st रैंकर से ज्यादा नंबर राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 में बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है। पिछली परीक्षा में उन्होंने 57वीं रैंक हासिल की थी। फिलहाल आरपीएस की ट्रेनिंग कर रहे हैं। एग्जाम में दूसरी रैंक जैसलमेर के वीरेंद्र चारण ने हासिल की है। हेड कॉन्स्टेबल के बेटे वीरेंद्र वर्तमान में तहसीलदार हैं। रिजल्ट में पांचवीं रैंक वाले बीकानेर के विकास ने भर्ती के अगले प्रोसेस में जाने से इनकार कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
