पिछले 25-30 वर्षों में पंचायती चुनाव व्यवस्थाओं में जीतकर आई बहनों में राजनीतिक जागरूकता और समझदारी काफी बढ़ी है. ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर न केवल राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं बल्कि वे लोगों की राय बनाने वाली भी हैं. इस प्रक्रिया ने ग्रासरूट स्तर पर राजनीतिक सोच को मजबूत किया है, जिससे ग्रामीण और स्थानीय नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है.
