अजमेर पुलिस ने कागज के टुकड़ों से असली नोट बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए हड़पने वाले 3 ठगों को गिरफ्तार किया है। ठग अपने पास 500-500 के नोटों के आकार के काले रंग के कागजों की गड्डियां रखते थे। जब कोई भोला-भाला व्यक्ति इनके जाल में फंस जाता, तो ये उसे असली नोट को एक खास केमिकल (टिंचर) में डुबोकर काला कर देते थे। ठग शिकार को एक पतीले में पानी गर्म करके दिखाते थे कि जब काले नोट को उसमें डाला जाता है, तो वह असली नोट में बदल जाता है। वे बताते थे कि उनके पास मौजूद काले कागजों की गड्डियां कास्टिक सोडा युक्त गर्म पानी में डालने पर इस प्रकार असली नोटों में बदल जाएंगी। इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर, लोग उन्हें असली नोट दे देते थे और बदले में काले कागजों की गड्डियां ले लेते थे। इस तरह, ठग एक लाख रुपए के असली नोट लेकर उसके बदले तीन लाख रुपए की काले कागज की गड्डियां थमा देते थे। CO शिवम जोशी ने गुरुवार को मामले का खुलासा किया। अब देखिए, ठगी से जुड़ी 4 PHOTOS… मुखबिर की सूचना पर पुलिस का एक्शन सीओ शिवम जोशी ने बताया- 15 अप्रैल को जिला स्पेशल टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि महाराजा अग्रसेन स्कूल के सामने पटेल स्टेडियम के पास 3 युवक नकली नोटों को असली नोट बताकर लोगों के साथ ठगी करने की फिराक में हैं। जिस पर जिला स्पेशल टीम प्रभारी शंकर सिंह रावत और कोतवाली थाना प्रभारी अनिल देव के नेतृत्व में टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस मौके पर पहुंची तो तीन संदिग्ध युवकों को डिटेन कर पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अजमेर शहर में कागज से असली नोट बनाने का झांसा देकर लोगों से रुपए ठगने की फिराक में थे। तीनों आरोपियों के कब्जे से काले पेपर के नोटों की चार गड्डियां, कास्टिक सोडा, केमिकल की शीशी बरामद की है। इसके अलावा वारदात में उपयोग में ली जाने वाली एक मोटरसाइकिल और 3 मोबाइल बरामद किए गए हैं।
राजस्थान में घूम-घूम कर करते थे ठगी शिवम जोशी ने बताया- टीम ने कार्रवाई करते हुए दूदू निवासी सदीक (40) पुत्र आसीन मोहम्मद, जयपुर निवासी सिराजुद्दीन (35) पुत्र जाफर खान और जिला प्रतापगढ़ निवासी नौसद (19) पुत्र कल्लू मल को गिरफ्तार किया। तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी राजस्थान में इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर जाकर ठगी करने का शिकार ढूंढते हैं। अजमेर में भी ठगी करने की फिराक में थे। पुलिस को 3 दिन पहले अजमेर में आने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस लगातार तीनों की तलाश कर रही थी। जिला स्पेशल टीम ने मुखबिर को ग्राहक बनकर तीनों आरोपियों के पास भेजा था। तीनों आरोपी पुलिस के जाल में फंस गए और मौके से तीनों को दबोच लिया गया। कार्रवाई में विशेष योगदान जिला स्पेशल टीम प्रभारी शंकर सिंह रावत और कांस्टेबल राजेश और गजेंद्र मीणा का रहा केमिकल और काले कागज से बनाते थे नोट पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी काफी शातिर हैं। ये पहले सार्वजनिक स्थानों पर जाकर ठगी के लिए शिकार ढूंढते हैं। बाद में उन्हें 1 लाख के असली नोटों को 3 लाख करके देने का झांसा देते हैं। तीनों आरोपियों ने एक वीडियो अपने मोबाइल में पहले से बना रखा होता है, जिसमें कागज के काले नोट को असली नोट बनाने का तरीका दिखाते हैं। पीड़ित अगर झांसे में आ जाता है तो उसे गर्म पानी में नोट डालने पर कास्टिक सोडा और टिंचर केमिकल की बोतल इस्तेमाल करने के लिए दे देते थे। इसके बाद वे असली नोट लेकर फरार हो जाते हैं। अगर वीडियो से भी पीड़ित झांसे में नहीं आता तो उसे मौके पर ही नकली नोटों को असली में बदलने का तरीका करके दिखाते हैं। तीनों में से एक शातिर अपनी जेब में 2 से 3 असली नोट रखता है, जिन्हें टिंचर केमिकल से पहले ही काला कर दिया जाता है। बाद में वे असली नोट को काला बनाकर गर्म पानी में डालते हैं और फिर कास्टिक सोडा डालकर उसे उबालते हैं, जिससे असली नोटों के ऊपर लगा हुआ काला रंग तुरंत उतर जाता है। इससे लोग उनके झांसे में आ जाते हैं। नकली नोट को असली बनाने की ठगी के शिकार हो जाते हैं।
