करौली के टोडाभीम में एक नवजात बच्चा सरसों के खेत में रोते हुए मिला। बच्चा कागज के सिरिंज के कार्टन में कपड़े से लिपटा हुआ था। किसान ने इसकी सूचना पुलिस को दी और बच्चे को टोडाभीम हॉस्पिटल ले जाया गया। बच्चे की हालत अभी ठीक है। मामला डोरावली गांव का गुरुवार सुबह करीब 10 बजे का है। किसान को सुनाई दी बच्चे के रोने की आवाज डोरावली निवासी कृष्णगोपाल मीना ने बताया- सुबह करीब दस बजे वह अपने खेत की ओर जा रहा था। इस दौरान सरसों के खेत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। सड़क से कुछ दूर खेत के अंदर जाकर देखा तो एक कागज के कार्टन में बच्चा कपड़े से लिपटा हुआ था। मैंने ग्रामीणों के साथ पुलिस को भी सूचना दी। थोड़ी देर में गांव की कुछ महिलाएं वहां पहुंचीं और बच्चे को संभाला। डोरावली में संचालित आमजन रिलीफ एंड गाइडेंस एसोसिएशन संस्था के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को टोडाभीम के उपजिला अस्पताल पहुंचाया। 12 से 14 घंटे पहले हुआ जन्म डॉ. लोकेश मीना ने बताया- बच्चे का जन्म 12 से 14 घंटे पहले हुआ है। उसका वजन करीब 2.4 किलो है। बच्चे के सिर में हल्की चोट है, साथ ही उल्टे हाथ पर खरोंच के निशान हैं। अभी बच्चा ठीक है, उसकी हालत स्थिर है। बच्चे को टीके लगाए गए हैं, अब उसे करौली भेजा जा रहा है। वहां चाइल्ड लाइन टीम की निगरानी में उसका उपचार और देखभाल की जाएगी। टोडाभीम एसडीएम अमन चौधरी भी हॉस्पिटल पहुंचे और बच्चे के बारे में जानकारी ली। पुलिस माता-पिता को तलाश रही डीएसपी मुरारी लाल मीणा ने बताया-बच्चे के माता-पिता की तलाश की जा रही है। आसपास के क्षेत्र और अस्पतालों से हाल ही में हुई डिलीवरी के बारे में जानकारी मांगी गई है। सीसीटीवी की संभावना भी देखी जा रही है।
