बांसवाड़ा जिले में पुश्तैनी जमीन पर कब्जे को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों ने एक- दूसरे पर पत्थर फेंके और लाठी-डंडों से भी मारपीट की, जिसमें दोनों पक्षों से 12 लोग घायल हो गए। कसारवाड़ी थानाधिकारी राजवीर ने बताया- बोचडदा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर एक परिवार के लोगों में विवाद चल रहा है। जमीन पर मकान के निर्माण के दौरान आज(शनिवार) दोपहर करीब 2 बजे दोनों पक्ष भिड़ गए। दोनों ने एक- दूसरे पर पत्थर और लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें 12 लोग घायल हो गए और इनमें कुछ लोगों के सिर भी फूट गए। फिलहाल घायलों का सज्जनगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। दूसरे पक्ष की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहा है विवाद घायल कलसिंह और वालसिंह पुत्र हुरतान पणदा निवासी बोचडदा ने बताया कि कसारवाड़ी थाना क्षेत्र में सातसेरा ग्राम पंचायत के बोचडदा गांव में पुश्तैनी जमीन है। सालों से यहां खेती करते आ रहे हैं। इस जमीन पर आईसीआईसीआई बैंक से लोन भी लिया था, जिसे चुका चुके हैं। इस जमीन को लेकर एसडीएम कोर्ट, सज्जनगढ़ में एक मामला विचाराधीन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कोर्ट ने कसारवाड़ी पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने और पाबंदी के आदेश दिए थे। हम पर हमला करने वाले आरोपियों को दो बार शांति भंग और कानूनी अवहेलना के आरोप में गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश भी किया जा चुका है, लेकिन आरोपी फिर से अवैध निर्माण करने लग गए। आरोपी 30×50 फीट में अवैध कब्जा करना चाहते थे
दोनों भाइयों का आरोप है कि गांव के ही भीमा पुत्र मडिया, उसके बेटे प्रेम, अकल, दिलीप और जोगड़ा पुत्र हडिया व उसके बेटे नाहटा ने मिलकर इस खातेदारी भूमि पर 30×50 फीट के हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर पक्का मकान बनाना शुरू कर दिया है। जब उन्होंने अपनी जमीन पर हो रहे इस अवैध निर्माण को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसके बाद लाठी-डंडों से हमला किया और पत्थर भी फेंके। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस खूनी संघर्ष में हमारे परिवार के घायल हुए हैं। इनमें हम दोनों भाइयों (कलसिंह और वालसिंह) के अलावा मुकेश, अल्पेश, रिपु, एलम और साजन है। आरोप है कि उपखंड स्तर पर बार-बार लिखित शिकायत देने और कोर्ट का स्टे होने के बावजूद दबंगों ने निर्माण कार्य नहीं रोका है। फिलहाल सभी घायलों का सज्जनगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। हालांकि दूसरे पक्ष से भीमा, हीरा, परमसिंह, दिलीप व नाहरा घायल हुए हैं। इनमें भीमा की ओर से कसारवाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है, जिसमें जमीन को उनकी बताया गया है। थानाधिकारी बोले- दो बार पहले भी कर चुके हैं पाबंद
कसारवाड़ी थानाधिकारी ने बताया कि मामले में पहले भी दो बार पाबंद कर कार्यवाही की गई हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी इस बार में कोई ठोस निर्णय नहीं कर सके, जिससे विवाद बना हुआ है। फिलहाल एक पक्ष की ओर से मिली रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
