जयपुर वेस्ट पुलिस ने 18 साल से फरार चल रहे बदमाश राकेश कुमार जांगिड़ (48) को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। जो 25 जून को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भागने की फिराक में था। पुलिस ने उस पर 10 हजार का इनाम रखा था। हैरानी की बात है कि पुलिस जिसे 18 साल से फरार बता रही है, वो करीब 6 महीने पहले ही आईपीएस अधिकारी किशन सहाय के के साथ बैठकर वीडियो बना रहा था। उस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर रहा था। इसी आरोपी ने करीब 1 साल पहले भी तत्कालीन मानसरोवर थानाधिकारी लाखन सिंह के साथ वीडियो बनाया था। सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो बनाकर अपनी धाक जमाने की कोशिश करता था। मामले में डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तकनीकी सबूतों और खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सदर थाना पुलिस ने आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से दबोच लिया। आरोपी 2008-09 में दर्ज चार मामलों में फरार चल रहा था। उसे सदर थाना क्षेत्र के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल किया गया था। विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठग लिए। पीड़ितों को न विदेश भेजा गया और न ही उनकी रकम लौटाई गई। शिकायतों के आधार पर 2008 और 2009 में सदर थाने में उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। फर्जी पते से बनवाया पासपोर्ट गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपना पैतृक निवास छोड़ दिया और जयपुर में लगातार ठिकाने बदलकर रहने लगा। उसने अपना आपराधिक रिकॉर्ड छिपाकर दूसरे पते से पासपोर्ट बनवा लिया था। यूएई भागने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने उसकी योजना को नाकाम करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। चार मामलों में दर्ज हैं गंभीर धाराएं आरोपी के खिलाफ सदर थाने में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, फर्जी दस्तावेज का उपयोग करने और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में चार मामले दर्ज हैं। सभी मामलों में पुलिस पहले ही न्यायालय में चालान पेश कर चुकी थी, जबकि आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के साथ बनवाता था वीडियो सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि आरोपी राकेश कुमार जांगिड़ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उनके साथ वीडियो बनवाता था। उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करता था। इन वीडियो के जरिए वह लोगों के बीच अपनी पहचान और प्रभाव बनाने का प्रयास करता था। आईपीएस किशन सहाय के साथ बनवाया वीडियो एक तरफ पुलिस आरोपी को 18 साल से फरार बता रही है। वही, दूसरी तरफ आरोपी का एक 6 महीने पुराना वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में आरोपी आईपीएस अधिकारी किशन सहाय के ऑफिस में वीडियो बना रहा है। उन्हें गुलदस्ता भेंट कर रहा है। उनके साथ सामाजिक विषयों पर बातचीत करता दिख रहा है। वीडियो में वह एकादशी के दिन शराब परोसने और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे मुद्दों पर सवाल पूछता है। जिस पर अधिकारी कानून व्यवस्था, साइबर अपराध और युवाओं की जिम्मेदारी को लेकर संदेश देते दिखाई देते हैं। वीडियो के अंत में आरोपी स्वयं लोगों से सोशल मीडिया का सही उपयोग करने और कानून का पालन करने की अपील करता नजर आता है। तत्कालिन मानसरोवर थानाधिकारी साथ बनवाया वीडियो इसी तरह एक अन्य वीडियो में आरोपी तत्कालीन मानसरोवर थानाधिकारी लाखन सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात कर पुलिस की कार्रवाई की सराहना करता है और विभिन्न सामाजिक व अपराध संबंधी विषयों पर बातचीत करता है। वीडियो के अंत में वह लोगों से पुलिस को सूचना देने और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सहयोग करने की अपील करता दिखाई देता है।
