बांसवाड़ा में प्रेम-प्रसंग के विवाद को लेकर विवाद में युवक की हत्या के बाद भीड़ ने 35 घरों की बस्ती पर हमला कर दिया। भीड़ ने लकड़ियां और पत्थर सड़क पर डालकर बस्ती में आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। हत्या से गुस्साए करीब 300 लोग सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान ये लोग उग्र हो गए और पूरी बस्ती में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी हाथों में मशालें लिए बस्ती में घुस गए और घरों को आग लगा दी। अचानक हुए हमले से बस्ती में रहने वाले ग्रामीणों ने भाग कर अपनी जान बचाई। लोग रसोई में बनी रोटियां छोड़ कर भागे। उनके घर-बाड़े में बंधे मवेशी आग में जल गए। अनाज, बिस्तर और पूरा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। पढ़िए टामटिया गांव की ये रिपोर्ट… जहां चहल-पहल थी, वहां अब कोई नहीं
कल जहां चहल-पहल थी, वहां अब कोई नहीं है। कहीं मवेशी जले हुए पड़े हैं तो किसी घर का पूरा घर फूंक दिया गया है। छप्पर पोश मकानों के सिर्फ ढांचे बचे हैं। रसोई में बनी रोटियां ज्यों की त्यों पड़ी है। अचानक हुए हमले में लोग अपने बच्चों और महिलाओं को लेकर किसी और स्थान पर चले गए हैं। 3 डिटेन, 5 थानों की पुलिस तैनात
बांसवाड़ा एसपी सुधीर जोशी ने बताया- अभी 3 लोगों को डिटेन किया गया है। इलाके में 5 थानों लोहारिया, मोटागांव, खमेरा, गढ़ी और घाटोल थाने की पुलिस तैनात हैं। स्थिति काबू में है। पहले पक्ष ने रिपोर्ट दी है, इसमें 5 नामजद हैं और अन्य के नाम भी सामने आए हैं। जांच जारी है। 2 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला 1. युवती के भाई ने कई बार समझाया, नहीं माना
बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर टामटिया गांव में करीब 2100 लोगों की आबादी रहती है। इसमें अलग-अलग बस्तियां हैं। यहां एक बस्ती के युवक का दूसरी बस्ती की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवती का भाई युवक को कई कई बार समझा चुका था, लेकिन वह मान नहीं रहा था। 2. हत्या के बाद भीड़ बस्ती में घुसी:
रविवार को शाम 6 बजे युवक ने युवती के भाई पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काट डाली। इस बात से दूसरे पक्ष के ग्रामीण नाराज हो गए और करीब 300 लोग इकठ्ठा होकर 35 घरों की बस्ती में पहुंच गए। इस बस्ती में सड़क के दोनों तरफ करीब 35 मकान थे। ग्रामीणों ने पहले सड़क जाम कर दी और प्रदर्शन करते रहे। कुछ देर बाद अचानक ग्रामीणों ने बस्ती पर हमला बोल दिया और घरों को आग लगा दी। पुलिस के रास्ते में लकड़ियां बिछा दी। उन्हें अंदर नहीं आने दिया। एक साथ पहुंची भीड़ को देख बस्ती के लोग जान बचाकर भागे। अब देखिए बस्ती का हाल रसोई में रोटियां, मवेशी भी छोड़ भागे
जब भास्कर रिपोर्टर इस बस्ती में पहुंचा तो घरों के आगे राख पड़ी थी। पूरा मकान जल गया था। मवेशी जले हुए पड़े थे। एक घर में तो मवेशी बंधे थे। भीड़ ने अचानक हमला किया इसके कारण लोगों को मौका ही नहीं मिला। लोग जिस हालत में थे, उसी हालत में अपने बच्चों और महिलाओं के साथ जान बचाकर भाग निकले। घरों में अनाज जला हुआ था, चूल्हे पर बन रही रोटियां भी ज्यों की त्यों पड़ी रह गई। छप्पर पोश मकान की छतें जल गई, अहाते में पड़ी खाट, टंकियां सब कुछ जल गया। अनाज, चारा और वाहन जला दिए
लोगों ने अपने घरों में टंकियों और बोरियों में अनाज रखा था। आग में वह भी जल गया। मवेशियों का चारा तक फूंक दिया। उपद्रवियों ने घरों के बाहर खड़े वाहनों को जला दिया, आगजनी में करीब 7-8 बाइक और एक ऑटो जलकर कबाड़ बन गए। भीड़ बस्ती पर टूट पड़ी, 9 घंटे में बुझी आग
गांव के लोगों ने बताया- दोनों परिवारों के बीच पहले भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मामला थाने पहुंचा और पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद किया था। रविवार शाम को लड़की के प्रेमी ने लड़की के भाई की गर्दन कुल्हाड़ी से काट डाली। इससे दूसरे पक्ष में आक्रोश फैल गया। टामटिया में युवक पक्ष के 35 मकान हैं, जिनमें करीब 175 लोग रहते हैं। वहीं आगजनी (लड़की के पक्ष) करने वाले लोगों के 90 मकान हैं, जिसमें 450 से ज्यादा लोग रहते हैं। युवक की हत्या के बाद 300 लोगों की भीड़ इस बस्ती पर टूट पड़ी। जिसे जो दिखा आग लगाता गया। पुलिस भी आई, लेकिन उसे भी अंदर नहीं घुसने दिया गया। 2 घंटे में 35 घरों की बस्ती फूंक दी गई। पूरी बस्ती जल गई है। गांव में अब भी पुलिस जाब्ता तैनात है। 8 बजे लगी आग 5 फायर ब्रिगेड ने 9 घंटे में बुझाई। आगजनी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… बहन के प्रेमी ने कुल्हाड़ी से गर्दन काटी, पथराव-आगजनी: पुलिस के सामने ही फूंके 30 से ज्यादा घर, रातभर गांव में तनाव, एंट्री रोकी बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में रविवार रात हुए बवाल के बाद आज भी तनाव है। ग्रामीण सोमवार सुबह से ही मोटा गांव थाने में पहुंचने लगे। (पढ़ें पूरी खबर)
