भगवान विष्णु के छठे अवतार, शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम जी की जन्म जयंती के अवसर पर रविवार को झुंझुनूं शहर में श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय कर दिया। शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के चूणा चौक से हुआ। पारंपरिक वेशभूषा, केसरिया साफे और हाथों में फरसा लिए श्रद्धालु भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। यह शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई फौज का मौहल्ला स्थित भगवान परशुराम मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने पर माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। मंदिर परिसर में विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस अवसर पर झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने शिरकत की। विधायक भांबू ने भगवान परशुराम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर नमन किया और शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। विधायक राजेंद्र भांबू ने भगवान परशुराम के आदर्शों को प्रासंगिक बताते हुए कहा भगवान परशुराम हम सभी के आराध्य देव है। भगवान परशुराम एक महान योद्धा और ऋषि थे, जिन्होंने अधर्म पर धर्म की विजय का मार्ग प्रशस्त किया। वे दानवीर कर्ण और पितामह भीष्म जैसे महापुरुषों के गुरु भी रहे।
