फाजिल्का के सरकारी लड़कियों के कॉलेज के खेल मैदान की जमीन से कथित तौर पर जबरन रास्ता निकालने के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा साफ इनकार किए जाने के बावजूद, सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में प्रशासन इस जमीन से रास्ता निकालने पर अड़ा हुआ है। इस फैसले के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के नेतृत्व में छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कड़ी धूप के बीच कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज की मान्यता बचाने और जमीन से रास्ता निकालने के विरोध में मानव श्रृंखला बनाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन की अगुवाई एआईएसएफ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट परमजीत ढाबां, राज्य कोषाध्यक्ष संजना ढाबां और छात्रा नेता खुशनीत कौर ने की। छात्राओं ने दी चेतावनी प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि जलालाबाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कॉलेज की जमीन से जबरन रास्ता निकालने के बजाय उसकी स्थायी मान्यता सुनिश्चित करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बताया कि यह कॉलेज क्षेत्र की लड़कियों के लिए लंबे संघर्ष के बाद स्थापित हुआ था और पिछले 13 वर्षों से इसे अस्थायी मान्यता मिल रही है। छात्रा नेताओं ने चेतावनी दी कि कॉलेज की जमीन से जबरन रास्ता निकालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा न केवल जमीन का है, बल्कि क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इस मौके पर किरती किसान यूनियन के महिला विंग की नेता राज कौर, नौजवान सभा के नेता और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्राओं के संघर्ष को समर्थन दिया।
