राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने कोहला औद्योगिक क्षेत्र के खातेदारों के लिए एक नई नीति की घोषणा की है। इस नीति के तहत जिन खातेदारों ने अपनी अवाप्त निजी भूमि के बदले नकद मुआवजा नहीं लिया है, उन्हें अब विकसित भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे क्षेत्र के विकास में आ रही बाधाएं दूर होने की उम्मीद है। रीको द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कोहला क्षेत्र के सेक्टर-14 में लगभग 100 हेक्टेयर भूमि से जुड़े ऐसे खातेदार, जिन्होंने अभी तक नकद मुआवजा प्राप्त नहीं किया है, उन्हें नई नीति के तहत 25 प्रतिशत विकसित भूमि देने का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में रीको के अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर शीघ्र ही शिविर का आयोजन करेंगे। इस शिविर में पात्र खातेदारों को विकल्प पत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे वे इस नई योजना का लाभ उठा सकें। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र की भूमि वर्ष 2012 में औद्योगिक विकास के लिए अवाप्त की गई थी। उस समय नियमानुसार 50 प्रतिशत मुआवजा राशि वितरित की गई थी, लेकिन कई खातेदारों को शेष 50 प्रतिशत राशि अब तक प्राप्त नहीं हो पाई है। रीको ने स्पष्ट किया है कि नई नीति के तहत खातेदारों को नकद मुआवजे के स्थान पर 20 प्रतिशत आवासीय/औद्योगिक और 5 प्रतिशत वाणिज्यिक भूमि आवंटित की जाएगी। यदि कोई खातेदार वाणिज्यिक भूमि नहीं लेना चाहता है या वह उपलब्ध नहीं है, तो उसे कुल 30 प्रतिशत आवासीय/औद्योगिक भूमि दी जाएगी। रीको अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2016 में भी इसी तरह का एक प्रस्ताव लागू किया गया था, लेकिन पर्याप्त आवेदन नहीं मिलने के कारण वह मामला लंबित रह गया था। अब इस नई नीति के लागू होने से खातेदारों को लाभ मिलने की प्रबल संभावना है।