एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने शुक्रवार शाम को फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह ने दूसरों की आईडी का इस्तेमाल करके अवैध आधार कार्ड सेंटर खोला था। ATS को मौके से सैकड़ों एनरोलमेंट रसीदें और हाईटेक उपकरण मिले हैं। एटीएस ने फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। हनुमानगढ़ की भादरा पुलिस फिलहाल पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है। एडीजी (ATS एंव AGTF) दिनेश M.N.ने बताया- फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने के मामले में मास्टरमाइंड कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। भादरा (हनुमानगढ़) में नगर पालिका के पास एक अवैध आधार कार्ड बनाने का सेंटर खोल रखा था। एटीएस के ASI कुलवीर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार को इस बारे में जानकारी मिली थी। एटीएस टीम ने भादरा पुलिस की मदद से संयुक्त कार्रवाई करते हुए आधार कार्ड सेंटर पर छापा मारा। एटीएस ने आधार सेंटर पर मौजूद आरोपी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान सैकड़ों एनरोलमेंट रसीदें और हाईटेक उपकरण जब्त किए गए। फर्जी अंगूठा-रेटिना से आधार बनाता गिरोह एटीएस के सेंटर पर दबिश देने पर चौंकाने वाला नज़ारा देखने को मिला। मास्टरमाइंड कुलदीप शर्मा, जसवंत और आमिर खां की ऑपरेटर आईडी का अवैध इस्तेमाल करता मिला। मौके से लाल और सफेद रंग के रबर पर बने ‘डमी फिंगरप्रिंट’ मिले, जिनका इस्तेमाल लॉगिन के लिए किया जाता था। आरोपी ने कागज़ पर आंखों की रेटिना की फोटो प्रतियां रखी हुई थीं, जिन्हें आईरिस डिवाइस के सामने रखकर बायोमेट्रिक सिस्टम को चकमा दिया जाता था। एनरोलमेंट रसीदों पर जसवंत और आमिर खां के फर्जी हस्ताक्षर भी आरोपी कुलदीप शर्मा खुद कर रहा था। राष्ट्र सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पुलिस और एटीएस की इस जांच में सामने आया कि इस तरह फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, फर्जी सिम कार्ड जारी करवाने और साइबर क्राइम के लिए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाने में किया जा सकता था। टीम ने मौके से एक लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस डिवाइस, पाम फिंगरप्रिंट डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई, कैमरा बरामद किया। आरोपी कुलदीप का मोबाइल जब्त किया है। गहन पूछताछ और जांच जारी गिरफ्तारी के बाद आरोपी कुलदीप शर्मा से एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में उन लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्होंने इस फर्जीवाड़े के ज़रिए आधार कार्ड बनवाए हैं। भादरा पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क या संगठित साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं। आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप के डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पिछले रिकॉर्ड्स खंगाले जा सकें।