कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने और पांचना बांध के मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पायलट ने कहा- राजस्थान सरकार को भी एसआई भर्ती में इंटरव्यू प्रणाली समाप्त कर केवल मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया लागू करनी चाहिए। देश के लगभग 14-15 राज्यों में एसआई भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। जब देश के अनेक राज्यों में इंटरव्यू सिस्टम खत्म कर केवल मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है तो राजस्थान में अब तक इस व्यवस्था को समाप्त क्यों नहीं किया गया? पायलट जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत क रहे थे। पायलट ने कहा- हाल ही आरपीएएसी अध्यक्ष यूआर साहू ने भी बयान दिया कि उन पर इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों के अंक ऊपर-नीचे करने के लिए सुझाव और दबाव डाला जाता था। साहू ने हालांकि यह नहीं बताया कि उन्हें किसका फोन आया और किसने उनसे आग्रह किया? ऐसी परिस्थितियां इसलिए पैदा होती हैं, क्योंकि इंटरव्यू प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश रहती है। जहां मानवीय हस्तक्षेप होगा, वहां गड़बड़ी और पक्षपात की संभावना भी बनी रहती है। यह सच है कि जितने कम इंटरव्यू होंगे, उतनी ही छेड़छाड़ और अनियमितताओं की संभावना कम रहेगी। पेपरलीक के मगरमच्छ कहां हैं, कब पकड़े जाएंगे पायलट ने कहा- पेपरलीक के मगरमच्छ कहां हैं, वे कब पकड़े जाएंगे। सरकार ने दावे किए थे उनका क्या हुआ? पिछले कई साल से लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। परीक्षा होने के बाद प्रश्नों को हटाने, मूल्यांकन में पारदर्शिता की कमी और नई-नई प्रक्रियाओं से विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। युवाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि जिस परीक्षा प्रणाली से वे गुजर रहे हैं, वह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाब देह है। यदि कोई अनियमितता होती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। पांचना बांध मामले में हाईकोर्ट के फैसले का पालन हो पायलट ने कहा- पांचना बांध विवाद के समाधान के लिए राज्य सरकार को तत्काल पहल करते हुए सभी पक्षों से बात करनी चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए। पानी सभी की आवश्यकता है। किसी भी परिस्थिति में तनाव और भाईचारे में खटास की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। पांचना बांध आंदोलन में दोनों पक्षों की अपनी अपनी चिंताएं और मांगें पायलट ने कहा- लंबे समय से पांचना बांध को लेकर आंदोलन चल रहा है। इस विषय से जुड़े विभिन्न पक्षों की अपनी-अपनी चिंताएं और मांगें हैं। नदी किनारे के 360 गांवों के किसानों का भी अपना पक्ष है। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह सभी पक्षों को विश्वास में लेकर बातचीत करे और कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए समाधान का रास्ता निकाले। पेपरलीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवा हताश पायलट ने कहा- कोटा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हजारों विद्यार्थियों के बीच जो बातें रखीं, उससे उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े गंभीर सवालों को देश के सामने रखा है। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं, कोचिंग व्यवस्था और निजी संस्थानों का सबसे अधिक बोझ मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद अधिकांश स्टूडेंट को सफलता नहीं मिल पाती और उसके बाद उनके सामने रोजगार और भविष्य की अनिश्चितता खड़ी हो जाती है। कड़ी मेहनत से तैयारी कर परीक्षा देने के बाद भी पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, मूल्यांकन में गड़बड़ी सहित अन्य अनियमितताओं का सामना करते हैं। इससे उनके मन में निराशा और अविश्वास पैदा होता है। कई मामलों में युवा मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, जो बेहद चिंताजनक है।