विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो कोर्ट-1, झालावाड़ ने नाबालिग से छेड़खानी के एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि यह घटना 11 जून 2025 को हुई थी। पीड़िता ने अपने भाई के साथ सारोलाकलां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दिन में करीब 11 बजे पीड़िता और उसकी मां घर पर थीं। तभी पड़ोसी युवक आरोपी ने छत पर चढ़कर पीड़िता को आवाज दी और कहा कि दादी बुला रही हैं। पड़ोसी ने घर बुलाकर की थी वारदात
पीड़िता आरोपी के घर चली गई, जहां आरोपी की मौसी का लड़का, आरोपी और उसकी अंधी दादी मौजूद थे। आरोपी ने टेबलेट लेने के बहाने पीड़िता को घर में बंद कर दिया और दुकान चला गया। इसके बाद एक अन्य आरोपी पीड़िता को जबरदस्ती कमरे के अंदर ले गया और दरवाजा बंद कर दिया। वहां उसने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। पीड़िता के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसका भाई मकान का गेट खोलकर अंदर आया। उसने दूसरे आरोपी से कमरे का गेट खोलने को कहा। पहले तो आरोपी ने मना किया, लेकिन बाद में मुश्किल से दरवाजा खोला। इसके बाद पीड़िता का भाई उसे लेकर अपने घर आ गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर भाई ने बचाया था
घटना के बाद पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर 14 जून 2025 को आरोपी को गिरफ्तार किया। अनुसंधान पूरा होने के बाद, पुलिस ने 16 अक्टूबर 2025 को कोर्ट में चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए प्रकरण में 10 गवाह और 14 दस्तावेज पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए विशेष जज ने उसे 3 साल के कठोर कारावास और 7 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।