जयपुर में पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा- NTA को भंग कर देना चाहिए, जब आप बार-बार पेपर लीक होने से रोक नहीं पा रहे हो, आप एग्जाम करा नहीं पा रहे हो। पहले राज्यों के पास यह अधिकार था, वापस राज्यों को दे देना चाहिए। गहलोत ने जयपुर में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए यह कहा। इस दौरान गहलोत ने नीट पेपरलीक और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार, बीजेपी पर तंज कसा। गहलोत ने कहा- जब तीनों बार पेपरलीक हुआ तो उसकी जांच क्यों नहीं करवाई। इनमें अगर हिम्मत है तो तीन साल के पेपरलीक की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। जब 2026 नीट पेपरलीक की जांच सीबीआई को दी है तो 2024 और 2025 की जांच भी दे देनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान तो मानेसर कांड के मुख्य किरदार थे, मैं क्या बोलूं धर्मेंद्र प्रधान के नीट ऑनलाइन करवाने की घोषणा पर गहलोत ने कहा- मैं इसमें अभी कुछ नहीं कह सकता। गहलोत ने कहा- मानेसर कांड में धर्मेंद्र प्रधान मैनेजमेंट के मुख्य किरदार थे। मैं कुछ भी बोलूंगा तो कहेंगे- मेरे खिलाफ जानबूझकर बोल रहे हैं। गहलोत ने कहा- साल 2024, 2025 और 2026 तीनों बार नीट पेपर लीक हुआ है। पिछली बार उसका कई लोगों ने फायदा उठाया। वही लोग इस बार भी पेपर लीक करने में शामिल थे। ये तो सब जानते हैं कि इनके वक्त में कोई घोटाला हो जाए। इनके वक्त में पेपर लीक हो जाए। ओएमआर शीट का एक्पोज हो जाए, लेकिन इनकी अप्रोच ऐसी है, इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है। हिंदू भी कब तक बर्दाश्त करेगा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- इनको गुड गवर्नेंस से कोई मतलब ही नहीं है। इनको मतलब है खाली हिंदू की बात करेंगे। चुनाव जीत जाएंगे तो हिंदू की बात करते-करते। कब तक हिंदू भी इनको सहन करेगा। वो भी समझने लगे हैं हमें क्या मिल रहा है। हमारे नाम पर आप चुनाव जीतते हो, क्या आप हिंदुओं का भला कर रहे हो? हिंदू लोग तकलीफ में नहीं आते क्या जब महंगाई बढ़ती है? पर इनकी अप्रोच धर्म के नाम पर राजनीति करने की है। यह बहुत खतरनाक है और डेमोक्रेसी के लिए खतरा है।
पीएम मोदी की अपील से लोग समझ गए थे पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा- राहुल गांधी ने बंगाल चुनाव से पहले ही कह दिया था कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ेंगी। अब कीमतें बढ़ गई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता से 7 तरह के बचाव करने का जो आह्वान किया, उससे भी लोग समझ गए थे कि अब कीमतें बढ़ने वाली हैं और बढ़ ही गईं। भार जनता पर ही डाला जा रहा है, जबकि इनकी स्थिति बहुत मजबूत हो चुकी थी। बीजेपी की सोच गरीब और मध्यमवर्ग विरोधी : गहलोत गहलोत ने कहा- पहले जब डॉ.मनमोहन सिंह पीएम थे, तब क्रूड के भाव 115 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गए थे। तब भी इतनी कीमतें नहीं थी और पीएम मोदी उस वक्त महंगाई को लेकर बहुत ही चिल्ला रहे थे। खुद सत्ता में आए तो धीरे-धीरे 60 डॉलर प्रति बैरल तक कीमतें आ गई थी। तब भी, उसके बाद में भी उन्होंने कीमतें कम नहीं की। वो कीमतें बनी रही। इनकी सोच जनता के खिलाफ है। पिछले 10- 12 साल में कीमतें घट सकती थी, जो डॉलर प्रति बैरल का जो इनको लाभ मिला था, बहुत बड़ा लाभ मिला। वो चाहते तो जनता को राहत दे सकते थे। इनकी सोच गरीब विरोधी, मध्यम वर्ग विरोधी है। बड़े पूजीपतियों को क्या फर्क पड़ने वाला है?
