मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव ने भिवाड़ी की 4 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसमें प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर इकाई, एसटीपी प्लांट, पाइपलाइन परियोजना और होंडा कंपनी द्वारा निर्माण किया गया गर्ल्स कॉलेज शामिल था। 50 एकड़ में बना इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) योजना के तहत भिवाड़ी के सालारपुर-खुशखेडा क्षेत्र में ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया गया है। यह क्लस्टर 50 एकड़ में बना है। फरवरी 2023 में क्लस्टर के सहस्र सेमीकंडक्टर्स प्लांट से भारत का पहला मेड इन इंडिया मेमोरी IC निर्यात किया गया। वर्तमान में कंपनी जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस, चीन, नेपाल सहित कई देशों को निर्यात कर रही है। इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 6 करोड़ चिप्स है, जिसे भविष्य में 10 गुना बढ़ाने की योजना है। सहस्र इलेक्ट्रॉनिक सॉल्यूशन्स लिमिटेड की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई में मेमोरी IC, डेस्कटॉप, सर्वर, मदरबोर्ड और RFID टैग बनाए जाते हैं। एल्सीना ग्रुप के चेयरमैन अमृत मानवानी ने बताया- देश में ऐसे आठ अन्य प्लांट तैयार हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से उद्योगों को सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध कराने और सेमीकंडक्टर नीति लाने का आग्रह किया। इसके साथ ही केंद्र सरकार से इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए कच्चे माल की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी अपील की। क्लस्टर में ये इकाइयां शामिल ऑटोमोबाइल हब का सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में प्रवेश-सीएम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा-भिवाड़ी की हर समस्या का समाधान उनकी प्राथमिकता है। पहले राजस्थान ऑटोमोबाइल हब के रूप में जाना जाता था, अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुका है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद ये कार्यक्रम वर्चुअल तरीके से किया गया। 12 साल पहले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का उत्पादन 1-2 लाख करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इस क्षेत्र में निर्यात में 11 गुना वृद्धि हुई है। भिवाड़ी प्लांट में 1200 करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है, जिससे 2500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इन परियोजनाओं का भी किया उद्घाटन-शिलान्यास 61 करोड़ रुपए की लागत से बने 34 एमएलडी का एसटीपी प्लांट का भी कार्यक्रम में उद्घाटन किया गया। यह प्लांट भिवाड़ी की जलभराव समस्या का स्थायी समाधान करने में सहायक होगा। इसमें 8.4 एमएलडी क्षमता के चार बड़े टैंक बनाए गए है। एसटीपी प्लांट से शोधित पानी के निस्तारण के लिए 52.39 करोड़ रुपए की लागत की पाइपलाइन परियोजना का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा होंडा कंपनी द्वारा CSR के तहत टपूकड़ा के राजकीय बालिका कॉलेज की बिल्डिंग तैयार की गई है। जिसका भी शुक्रवार को लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा-पूरे क्षेत्र को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में काम चल रहा है। भिवाड़ी की जलभराव समस्या को हल करने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है। एसटीपी प्लांट से इस समस्या का कुछ हद तक समाधान हो गया है। शेष मुद्दों पर भी जल्द ही काम किया जाएगा।
