‘रीइमेजनिंग वर्क,वर्कफोर्स एंड वर्कप्लेस: एचआर एट द फ्रंटियर ऑफ-2030’ विषय पर एचआर कॉन्क्लेव ‘इन्नोएचआरवेशन 3.0’ हुआ। वीजीयू में आयोजित कार्यक्रम में कई बड़ी कम्पनियों के एचआर हैड्स ने हिस्सा लिया। इन्होंने पैनलिस्ट के रूप में शामिल होकर लीडरशिप, टेक्नोलॉजिकल चेंजिस, टैलेंट स्ट्रेटजीस, स्किल डवलपमेंट एंड ह्यूमन टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर चर्चाएं कीं। साथ ही ‘वर्कप्लेस-2030’, ‘टैलेंट रिडिफाइंड’, ‘ह्यूमन – एआई सिनर्जी’ विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता कोहलर इंडिया लिमिटेड के एचआर डायरेक्टर डॉ. विपिन कुमार रहे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ड एचआर टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, डिजिटल लीडरशिप पर बात की। वे बोले- आने वाले वर्षों में एचआर की भूमिका केवल एडमिनिस्ट्रेटिव नहीं, बल्कि ऑर्गेनाइजेशनल चेंज का मुख्य आधार बनेगी। यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एन. डी. माथुर ने बदलते एचआर इकोसिस्टम, डिजिटल कैपेबिलिटीज विषयों पर बात की। चेयरमैन ललित पंवार ने उद्योग-अकादमिक साझेदारी के महत्व का जिक्र किया।

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