अबोहर-सीतो रोड पर स्थित काला टिब्बा टोल प्लाजा पर टोल प्लाजा वर्कर्स यूनियन पंजाब (रजि.) का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। यूनियन अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के खिलाफ डटी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी अनदेखी जारी रही, तो यह आंदोलन केवल फाजिल्का तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पंजाब में फैल जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार और टोल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों की जायज मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे पंजाब के टोल प्लाजाओं को ‘फ्री’ कर दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस टकराव की स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता जिम्मेदार होगी। किसानों और कर्मचारियों के हितों पर टकराव प्रदेश प्रधान सरदार दर्शन सिंह लाडी ने टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन कर्मचारियों पर कच्चे रास्तों पर ड्यूटी करने का दबाव बना रहा है। कर्मचारियों को मजबूर किया जा रहा है कि वे स्थानीय किसानों से जबरन टोल की पर्ची काटें। दर्शन सिंह लाडी ने स्पष्ट किया कि टोल कर्मचारी किसी भी सूरत में किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे और अन्नदाता के हितों के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे। आंदोलन को और तेज करने की रणनीति प्रदेश जनरल सचिव सुखजीत सिंह और वरिष्ठ उपप्रधान राजवंत सिंह खालसा ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग उनकी समस्याओं पर कान नहीं धर रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जा सकती है। किसान यूनियनों का मिला समर्थन इस संघर्ष में टोल कर्मचारियों को विभिन्न किसान जत्थेबंदियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। धरने में महिंदर पाल और गुरप्रीत सिंह के अलावा किसान यूनियन कोट बुढ़ा के नेता मनजीत सिंह, जिला प्रधान शेर-ए-पंजाब भूपिंदर सिंह, बलजीत सिंह खोसा और आजाद किसान मोर्चा के नेता मनोज गोदारा सहित बड़ी संख्या में टोल वर्कर और किसान शामिल हुए।