फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान सरहदी इलाके से अच्छी खबर सामने आई है। जहां पर सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल की लड़की ने पांचवी कक्षा में 500 में से 500 अंक हासिल किए है। गरीब परिवार की छात्रा ने इस मुकाम को हासिल कर न सिर्फ स्कूल, बल्कि पूरे फाजिल्का जिले का नाम रोशन कर दिया है। जिससे परिवार और स्कूल स्टाफ में खुशी की लहर है। बच्ची का कहना है कि वह बड़ी होकर अध्यापिका बनना चाहती है। छात्रा कविता रानी ने बताया कि वह गांव मोहम्मद अमीरा के सरकारी स्मार्ट स्कूल में पढ़ती है और कक्षा पांच की छात्रा है। कविता ने बताया कि स्कूल जाने से पहले वह घर पर पढ़ाई करती और फिर स्कूल से वापस लौट रात को पढ़ाई करती है। यही वजह कि आज उसकी पढ़ाई के प्रति लगन और मेहनत से उसने ये मुकाम हासिल किया है। पूरा परिवार करता है मेहनत-मजदूरी छात्रा ने बताया कि उसके परिवार में माता पिता, ताऊ ताई, दादा दादी, चाचू- चाची हैं। उसका पूरा परिवार मेहनत- मजदूरी का काम करता है। आज उसे बहुत खुशी है कि उसके 500/500 अंक हासिल हुए है। कविता ने कहा कि वह बड़ी होकर अध्यापिका बनना चाहती है। छात्रा कविता के पिता लखविंदर सिंह ने सरकार से मांग की कि उसकी बेटी होनहार है और पढ़ाई में सबसे आगे है। वह गरीब है, इसलिए उसकी बेटी की पढ़ाई में सरकारी स्तर पर मदद की जाए, ताकि उसकी बेटी पढ़ लिखकर अच्छा मुकाम हासिल कर सके। स्कूल प्रिंसिपल बोली- कम स्टाफ में बेहतर पढ़ाई वहीं, स्कूल प्रिंसिपल ममता ने बताया कि स्कूल में बच्चों को पांचवीं तक शिक्षा दी जाती है। और इसे स्मार्ट बनाने के साथ- साथ स्कूल में बच्चों को अच्छे क्लास रूम उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके स्कूल में स्थानीय गांव के ही नहीं बल्कि आस पास के गांवों के बच्चे भी उनके यहां पढ़ने आते है। स्कूल के कई बच्चे पढ़ाई के साथ- साथ खेलों में भी आगे हैं। प्रिंसिपल ने कहा कि उनके स्कूल में स्टाफ की कमी है, लेकिन फिर भी बच्चों को शिक्षा देने में कोई कमी नहीं रहने दी जाती, जिसका नतीजा सबके सामने है।