हंतावायरस पुरुषों के स्पर्म में 6 साल (71 महीने) तक जीवित रह सकता है. स्विट्जरलैंड की स्टडी में पाया गया कि ठीक हो चुके व्यक्ति में भी वायरस टेस्टिस में छिपा रहता है. यौन संबंध से इसके फैलने का खतरा रहता है.