आप पहले VDO से टीचर और बाद में टीचर से RAS क्यों बनी? जबकि टीचर एक रेस्पेक्टेड जॉब है। अगर आपको बाल अधिकारिता विभाग का प्रमुख बना दिया जाता तो क्या करती? ये वही सवाल थे जो RAS इंटरव्यू में दिव्या गुर्जर से पूछे गए। इन सवालों का जवाब देने के बाद दिव्या का सिलेक्शन हुआ और उन्होंने 1279वीं रैंक हासिल की। खास बात यह रही कि 18 अप्रैल को जब रिजल्ट आया, उसी दिन उनके घर पर दिव्या की महिला संगीत का प्रोग्राम चल रहा था। घर में शादी का माहौल पहले से बना हुआ था, क्योंकि 21 अप्रैल को उनकी शादी तय है। ऐसे में जैसे ही रिजल्ट की खबर आई, माहौल पूरी तरह बदल गया और खुशी दोगुनी हो गई। मेहंदी लगे हाथों के बीच आई इस खबर ने पूरे परिवार को भावुक और खुश कर दिया। देखते ही देखते रिश्तेदार, पड़ोसी और गांव के लोग बधाई देने पहुंचने लगे। घर पर एक साथ दो बड़ी खुशियों का जश्न मनाया जाने लगा। “रिस्पेक्ट काम की होती है”, पहले सवाल का जवाब और सोच पहले सवाल का जवाब देते हुए दिव्या ने साफ शब्दों में कहा कि रिस्पेक्ट किसी जॉब या पद की नहीं होती, बल्कि काम की होती है। अगर इंसान अपना काम सही तरीके से नहीं करता तो वह किसी भी बड़े पद पर पहुंचकर भी सम्मान हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि उनके पिता पुलिस सर्विस में हैं और बचपन से उन्होंने उन्हें काम करते देखा है। वहीं से उनके मन में सिविल सेवा में जाने की इच्छा बनी। शुरुआत में उनका सपना पुलिस में जाने का था और उन्होंने 2016 और 2021 में SI की परीक्षा भी दी, लेकिन दोनों बार फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो पाईं। इसके बाद उन्होंने तय कर लिया कि अब उनका फाइनल लक्ष्य RAS ही रहेगा। उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और आर्थिक रूप से खुद को मजबूत रहने के लिए टीचर बनकर जॉब करने लगी। खुद वो सेल्फ डिपेंडेंड बनना चाहती थी। दूसरे सवाल का दिया संतुलित जवाब दूसरे सवाल के जवाब में दिव्या ने प्रशासनिक सोच दिखाई। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बाल अधिकारिता विभाग का प्रमुख बनाया जाता है तो वे सबसे पहले सरकार की योजनाओं को सही तरीके से लागू करने पर ध्यान देंगी। उनका मानना है कि योजनाएं बनाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाना। इसके लिए वे रूट लेवल तक मॉनिटरिंग करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर जरूरतमंद बच्चे तक लाभ पहुंचे। तीसरे अटेम्प्ट में मिली सफलता, पहले दो बार मैंस नहीं हुआ था क्लियर दिव्या ने बताया कि यह उनका तीसरा अटेम्प्ट था। उन्होंने पहली बार 2021 में और दूसरी बार 2023 में RAS परीक्षा दी थी, लेकिन दोनों बार मेंस क्लियर नहीं हो पाया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी। साल 2024 में उन्होंने फिर से परीक्षा दी और इस बार मेंस और इंटरव्यू दोनों क्लियर कर लिए। इस तरह लगातार मेहनत और धैर्य के दम पर उन्होंने आखिरकार अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। लगातार कोशिशों से बनी अफसर दिव्या गुर्जर का जन्म 2 जून 1996 को हुआ और वे चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड के आंतरी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद 2016 में BSc किया और फिर 2019 में BEd किया। इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की और 2023 में VDO बनीं। इसके बाद अक्टूबर 2025 में उनका चयन टीचर लेवल-2 के पद पर हुआ। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड के कोलपुरा गांव में है। इन सबके बीच उनका फोकस लगातार RAS पर बना रहा और उन्होंने आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया। पुलिस में पिता, बेटी की कामयाबी में जताई खुशी दिव्या के पिता अर्जुन गुर्जर राजस्थान पुलिस में ASI हैं और चित्तौड़गढ़ के कोतवाली थाने में तैनात हैं। मां चंदा देवी हाउस वाइफ हैं। परिवार में दो बहनों के बाद दिव्या तीसरे नंबर की बेटी हैं और उनसे छोटा एक भाई है। पिता और मां ने बताया कि बेटी की इस सफलता से उन्हें बहुत गर्व है। उन्होंने कहा कि बेटी ने मेहनत की और परिवार का नाम रोशन किया। शादी से ठीक पहले इस तरह का रिजल्ट आना उनके लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। लड़कियों के लिए नई प्रेरणा दिव्या की सफलता सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। बताया जा रहा है कि जिले में गुर्जर समाज से RAS बनने वाली वह पहली लड़की हैं। ऐसे में उनकी यह उपलब्धि खास महत्व रखती है। गांव और आसपास के इलाकों में उनकी सफलता को लेकर खासा उत्साह है। शादी और करियर की नई शुरुआत – एक साथ दो बड़े मौके दिव्या की जिंदगी में यह समय एक नए मोड़ की तरह है। एक तरफ वे प्रशासनिक सेवा में कदम रखने जा रही हैं, तो दूसरी तरफ उनकी शादी भी होने वाली है। 21 अप्रैल को होने वाली शादी से पहले ही उन्हें RAS बनने की खबर मिल गई, जिससे यह पल उनके लिए और भी खास बन गया। महिला संगीत के दिन आई इस खुशखबरी ने पूरे परिवार और ससुराल पक्ष की खुशी को दोगुना कर दिया। दिव्या कहती है कि उनके ससुराल पक्ष में भी सब बहुत खुश है।