जयपुर के मानसरोवर इलाके में पुलिस ने PG (पेइंग गेस्ट) के नाम पर मकान किराये पर लेकर कब्जा करने वाली एक संगठित गैंग का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गुरुवार को पुलिस ने गैंग के मुख्य आरोपी कृष्ण कुमार स्वामी (41) निवासी को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि शहर में इन दिनों एक खास तरह का प्रॉपर्टी फ्रॉड सामने आ रहा था। इसमें आरोपी पहले मकान मालिकों से PG या हॉस्टल चलाने के नाम पर मकान किराये पर लेते थे। इसके बाद वही मकान किसी तीसरे व्यक्ति को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किराये पर दे देते थे। इसके बाद किरायेदार और तीसरा पक्ष मिलकर आपसी विवाद का नाटक करते थे और कोर्ट से स्टे ऑर्डर हासिल कर लेते थे। इस स्टे की आड़ में आरोपी ना तो मकान मालिक को किराया देते थे और ना ही मकान खाली करते थे। ऐसे सामने आया मामला 20 मार्च को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि गोपालपुरा बायपास स्थित उसके मकान को किराये पर लेने वाले व्यक्ति ने बिना अधिकार के उसी मकान को किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर दे दिया। जब मकान मालिक दंपती घर संभालने पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें अंदर घुसने से रोक दिया, गाली-गलौज की और बदसलूकी की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मकान खाली करने के बदले 20 लाख रुपए की मांग भी की और धमकी दी कि बिना पैसे दिए मकान कभी खाली नहीं करेंगे। जांच में क्या खुलासा हुआ डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसका संचालन रोहित गुर्जर उर्फ रोहित शुक्ल कर रहा है। गिरोह के सदस्य मकान मालिकों से किरायानामा करते हैं। फिर उसी संपत्ति के फर्जी दस्तावेज बनाकर तीसरे व्यक्ति को किराये पर देते हैं। किराया और सिक्योरिटी खुद रख लेते हैं। । मकान मालिक को कुछ नहीं देते। विवाद दिखाकर कोर्ट से स्टे ले लेते हैं और कब्जा बनाए रखते हैं उन्होंने बताया कि इस गैंग के खिलाफ मानसरोवर थाने के अलावा अन्य थानों में भी कई मामले दर्ज हैं। आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार स्वामी (41) निवासी गांव पाथरेडी पुलिस थाना सरूण्ड जिला कोटपूतली बहरोड हाल मकान नं. ए 21 श्री श्याम बॉयज पी.जी. केशव विहार रिध्दी सिध्दी गोपालपुरा बाईपास पुलिस थाना मानसरोवर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे ज्युडिशियल कस्टडी (जेसी) में भेज दिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की गहराई से जांच जारी है।